Ranchi: एक बार फिर से newswavejharkhand की खबर का असर हुआ है. हमने बोकारो के भवन प्रमंडल में हुए भ्रष्टाचार की खबर को प्रमुखता से छापा था. जिसके बाद विभाग की तरफ से टेंडर रद्द कर दिया गया है. साथ ही विभाग ने सख्त रवैया अपनाते हुए बोकारो प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता अमृत टोप्नो को रांची तलब किया है. रांची बुला कर उनसे सारे मामले की पूछताछ की गयी.
जानिए पूरा मामला
दरअसल भवन निर्माण विभाग बोकारो प्रमंडल की तरफ से पेवर ब्लॉक लगाने का टेंडर निकाला गया था. यह काम बोकारो के जैप-4 के कार्यालय परिसर में किया जाना था. टेंडर की प्रकलन राशि 21,64,250 रुपए की थी. टेंडर निकलने के बाद टेंडर फॉर्म खरीदने की तिथि 23 जून तक थी. इस टेंडर में भाग लेने के लिए पांच हजार रुपए का ड्राफ्ट भी लगाना था, तो बोकारो के 59 ठेकेदारों ने टेंडर पेपर खरीदा. सभी ने पांच हजार रुपए के ड्राफ्ट के साथ टेंडर भर दिया. लेकिन वहां के साहब की मर्जी थी कि यह काम उनके करीबी को मिले, तो उन्होंने ऐलान कराया कि सभी ठेकेदार अपना टेंडर वापस ले लें. इस टेंडर में वो भाग ना लें. शर्त रखा गया कि टेंडर पेपर और पांच हजार के ड्राफ्ट के अलावा सबी को टेंडर के प्रकलन राशि की 20 फीसदी कमीशन भी मिलेगी. फिर क्या था. बिना काम किए अगर कमीशन मिल रहा है, तो कोई कैसे मना करे.

सभी ठेकेदारों को मिले 7400 रुपए
24 जून को टेंडर का फॉर्म कार्यालय में जमा करना था. तीन बजे का समय तय किया गया था. वहीं टेंडर खुलने का समय 3.30 रखा गया था. सभी ठेकेदार कार्यालय में हाजिर हो गए और एक-एक कर कंपनी का नाम पुकार कर सभी के हाथों में टेंडर फॉर्म के साथ पांच हजार का ड्राफ्ट और कैश 7400 रुपए थमाए जाने लगे. तभी वहां मौजूद किसी ठेकेदार ने अपने कैमरे का वीडियो रिकॉर्डिंग ऑन कर दिया. सारा मामला मोबाइल के कैमरे में कैद हो गया. हो-हंगामे के बीच सभी ठेकेदारों को अपने हिस्से के पैसे मिल गए. तो ऐसे सारा खेल भवन निर्माण बोकारो प्रमंडल के कार्यालय में खेला गया. पूरे मामले को NewsWave Jharkhand ने प्रमुखता से प्रकाशित किया. जिसके बाद विभाग की तरफ से टेंडर रद्द कर दिया गया.
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