Ranchi: एनआईए के विशेष न्यायाधीश अभिमन्यु कुमार की अदालत में गवाह के उपस्थित नहीं होने के कारण मामले की सुनवाई की अगली तिथि 31 जुलाई निर्धारित की गई है.
2016 के बेड़ो थाना केस से जुड़ा मामला
बताते चलें कि वर्ष 2016 में रांची के बेड़ो थाना से जुड़े मामले में पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (PLFI) के टेरर फंडिंग मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने उग्रवादी संगठन पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप सहित 11 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है.
रांची स्थित एनआईए की विशेष अदालत में दाखिल चार्जशीट में एनआईए ने बताया है कि बेड़ो थाने में 10 नवंबर 2016 को एक केस दर्ज हुआ था. उक्त केस नोटबंदी के वक्त 25.38 लाख रुपये के 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट के साथ पेट्रोल पंप कर्मियों की गिरफ्तारी से संबंधित है.
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लेवी की रकम होने का हुआ था खुलासा
तब यह बात सामने आई थी कि ये रुपये पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप के थे, जो लेवी और रंगदारी से जुटाए गए थे. इस मामले में रांची पुलिस ने 9 जनवरी 2017 को पहला आरोप पत्र दाखिल किया था. एनआईए ने टेरर फंडिंग के इस केस को टेकओवर करते हुए 19 जनवरी 2018 को नया केस दर्ज किया और अनुसंधान शुरू किया.
टेरर फंडिंग मामले में गिरफ्तार आरोपी
पीएलएफआई के टेरर फंडिंग मामले में गिरफ्तार आरोपियों में विनोद कुमार, चंद्रशेखर कुमार, नंद किशोर महतो, मोहन कुमार उर्फ राजेश कुमार, सुमंत कुमार उर्फ पवन कुमार, नंदलाल स्वर्णकार उर्फ नंदलाल सोनी, चंद्रशेखर सिंह, अरुण गोप, जितेंद्र कुमार और गुजरात के नवीनभाई जयंतीभाई पटेल शामिल हैं.
