गिरिडीह में अवैध क्लीनिकों पर कसेगा शिकंजा, PC-PNDT एक्ट को लेकर प्रशासन सख्त

GIRIDIH: जिले में लिंग चयन और भ्रूण लिंग जांच जैसी अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया...

GIRIDIH: जिले में लिंग चयन और भ्रूण लिंग जांच जैसी अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. इस दिशा में उपायुक्त श्री रामनिवास यादव ने अपने कार्यालय प्रकोष्ठ में PC & PNDT Act के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर समीक्षा बैठक की.

अल्ट्रासाउंड केंद्रों और क्लीनिकों की हुई विस्तृत समीक्षा
बैठक में पुलिस अधीक्षक, सिविल सर्जन, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, संबंधित चिकित्सा पदाधिकारी, पीसी एंड पीएनडीटी के सदस्य समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे. इस दौरान जिले में संचालित अल्ट्रासाउंड केंद्रों, पंजीकृत क्लीनिकों, लंबित आवेदनों और पूर्व बैठक के निर्णयों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई.

बिना लाइसेंस क्लीनिकों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश
उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि बिना लाइसेंस संचालित क्लीनिकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए. इसके लिए विशेष छापेमारी दल का गठन करते हुए जिलेभर में गहन अभियान चलाने का निर्देश दिया गया, ताकि अवैध रूप से संचालित अल्ट्रासाउंड केंद्रों को बंद कराया जा सके.

नए केंद्रों के सत्यापन की जिम्मेदारी तय
नए अल्ट्रासाउंड केंद्रों के लिए प्राप्त आवेदनों के सत्यापन हेतु संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी और प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है.

लिंग जांच पर रोक प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता
उपायुक्त श्री यादव ने कहा कि लिंग चयन एवं भ्रूण लिंग जांच जैसी कुप्रथाओं पर पूर्णतः अंकुश लगाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने इसे बालिकाओं के अधिकारों की रक्षा और समाज में लैंगिक संतुलन बनाए रखने के लिए अत्यंत आवश्यक बताया.

नियमित निरीक्षण और सख्त कानूनी कार्रवाई का निर्देश
बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि सभी पंजीकृत अल्ट्रासाउंड केंद्रों का नियमित निरीक्षण किया जाए और उनके अभिलेखों का सही तरीके से संधारण सुनिश्चित हो. किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित संस्थानों के विरुद्ध तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

जागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर
साथ ही, आम लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रखंड और जिला स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया, ताकि समाज में इस कानून के प्रति जागरूकता बढ़े और अवैध गतिविधियों पर रोक लग सके.

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