Ranchi: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बीच करीब 63.24 लाख मतदाता चुनाव आयोग की जांच के दायरे में आए हैं. इन मतदाताओं को नोटिस देकर अपने वोटर होने का प्रमाण देने का मौका दिया जाएगा. हालांकि, चुनाव आयोग ने साफ किया है कि बिना सुनवाई और सक्षम अधिकारी के आदेश के किसी भी मतदाता का नाम सूची से नहीं हटाया जाएगा. ड्राफ्ट मतदाता सूची में झारखंड में कुल 2,21,01,249 मतदाता दर्ज हैं. इनमें 63,24,116 मतदाताओं के नाम अलग-अलग वजहों से सत्यापन के लिए चिन्हित किए गए हैं.

किस वजह से कितने वोटर जांच के दायरे में?
– नो मैपिंग: 14,03,205 मतदाता
– डेमोग्राफिकल सीमिलर एंट्री (DSE): 3,65,684 मतदाता
– तार्किक विसंगति (Logical Discrepancy): 45,55,227 मतदाता
सबसे ज्यादा संख्या तार्किक विसंगति वाले मतदाताओं की है. इसमें ऐसे मामले शामिल हैं, जहां पुराने रिकॉर्ड से नाम का मिलान तो होता है, लेकिन नाम, माता-पिता के नाम, जन्मतिथि में अंतर या एक से ज्यादा जगह नाम दर्ज होने जैसी गड़बड़ियां सामने आई हैं.
24 अगस्त से शुरू होगी दावे की प्रक्रिया
जिन मतदाताओं को नोटिस जारी किया जाएगा, उन्हें 24 अगस्त से अपने नाम और मतदाता होने के समर्थन में जरूरी दस्तावेज देने होंगे. नोटिस BLO के जरिए पहुंचाया जाएगा. संबंधित मतदाता को तय समय पर सहायक निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी के सामने उपस्थित होकर अपना पक्ष रखना होगा.अगर पहली नोटिस पर मतदाता उपस्थित नहीं होता है तो दूसरी नोटिस जारी की जाएगी. इसके बाद उपलब्ध दस्तावेज और तथ्यों के आधार पर अधिकारी फैसला लेंगे.
दो दिन के कैंप में उमड़ी भीड़
शनिवार से मतदान केंद्रों पर दो दिवसीय विशेष कैंप भी लगाया गया है. यहां ड्राफ्ट सूची में नाम नहीं होने या किसी तरह की गलती होने पर लोग फॉर्म-6 और फॉर्म-8 भर रहे हैं. हरमू के एक मतदान केंद्र पर पहुंचे मतदाताओं ने भी नाम और पते में गड़बड़ी की शिकायत की. कुछ लोगों ने बताया कि परिवार के सदस्यों के नाम अलग-अलग वार्ड में चले गए हैं, जबकि कुछ लोगों का कहना था कि लंबे समय से मतदान करने के बावजूद ड्राफ्ट सूची में उनका नाम नहीं दिख रहा है.
ट्रेसलेस वोटरों को ढूंढना बड़ी चुनौती
कैंप में काम कर रहे BLO के अनुसार ऐसे कई मतदाता हैं, जिनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है. फोन के जरिए भी जानकारी जुटाई जा रही है, लेकिन जागरूकता की कमी के कारण कई लोग समय पर आवेदन नहीं कर पा रहे हैं.
झारखंड में 16.50% ASDDO वोटर
SIR वाले 12 राज्यों के आंकड़ों में झारखंड में 16.50% ASDDO श्रेणी के मतदाता हैं. यह प्रतिशत महाराष्ट्र (21.25%), कर्नाटक (19.60%), तेलंगाना (21.70%) और दिल्ली (33%) से कम है, लेकिन हरियाणा (16.39%), चंडीगढ़ (12.8%), आंध्र प्रदेश (10.80%), ओडिशा (6.02%), मणिपुर (7.5%), मिजोरम (5.2%), मेघालय (7.68%) और सिक्किम (8%) से अधिक है.मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार के अनुसार, किसी भी मतदाता का नाम केवल जांच में चिन्हित होने के आधार पर नहीं हटाया जाएगा. हर मामले की सुनवाई होगी और नियमों के मुताबिक ही अंतिम फैसला लिया जाएगा.चुनाव आयोग ने यह भी अपील की है कि 1 अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष की उम्र पूरी करने वाले युवा अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए जरूरी प्रक्रिया पूरी करें.
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