News Desk: देशभर में टोल प्लाजा पर विवाद की खबरें अक्सर सामने आती रही हैं, लेकिन अब भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने एक सकारात्मक और सांस्कृतिक पहल की शुरुआत की है.
गया जिले के कई टोल प्लाजा पर ‘नमस्ते कल्चर’ लागू किया गया है. इसका उद्देश्य यात्रियों को सम्मानजनक, सौहार्दपूर्ण और भारतीय परंपरा से जुड़ा अनुभव प्रदान करना है.
यात्रियों का किया जा रहा अभिवादन
इस पहल के तहत टोल प्लाजा कर्मी टिकट जारी करते समय और FASTag लेन-देन के दौरान यात्रियों का पारंपरिक भारतीय अंदाज में हाथ जोड़कर ‘नमस्ते’ कहकर स्वागत कर रहे हैं.
यह प्रयास ‘अतिथि देवो भवः’ की भावना को बढ़ावा देते हुए यात्रियों और कर्मचारियों के बीच बेहतर और सकारात्मक संवाद स्थापित कर रहा है.
‘नमस्ते कल्चर’ को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है, जिसमें शिष्ट व्यवहार, मुस्कुराकर अभिवादन करना, सकारात्मक बॉडी लैंग्वेज अपनाना और किसी भी विवाद की स्थिति में शांतिपूर्ण व त्वरित समाधान पर ध्यान देने की बात शामिल है.
तीन टोल प्लाजा पर शुरू हुई पहल
- टोल प्लाजा की छवि सुधारने के लिए साफ-सुथरी वर्दी और पेशेवर अंदाज पर भी खास ध्यान दिया जा रहा है.
- इस पहल का मकसद यात्रियों को आसान, तेज और सुरक्षित सेवाएं देना है, साथ ही एक सम्मानजनक और दोस्ताना माहौल तैयार करना भी इसकी प्राथमिकता में शामिल है.
- गयाजी परियोजना इकाई के अंतर्गत देवकुली, जिंदापुर और कारीगवां टोल प्लाजा पर ‘नमस्ते कल्चर’ को प्रभावी रूप से लागू किया गया है.
- इससे यात्रियों को बेहतर सुविधा के साथ भारतीय संस्कृति की गर्मजोशी भी महसूस हो रही है. इसे टोल संचालन में मानवीय व्यवहार को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
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