Palamu : झारखंड में हेमंत सरकार के कार्यकाल में JPSC, JSSC-CGL उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली और अनियमितताओं के विरोध में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) ने उग्र प्रदर्शन किया. भाजयुमो पलामू जिलाध्यक्ष डॉ. विपुल गुप्ता की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने जिला परिषद कार्यालय मैदान से समाहरणालय तक विरोध मार्च निकाला और समाहरणालय के मुख्य द्वार पर जमकर नारेबाजी व प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं ने राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश में पेपर लीक और परीक्षा माफियाओं की ओर से सीटें बेचने जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर करीब एक सप्ताह से राज्य के छात्र रांची में आंदोलनरत है. इसके बावजूद राज्य सरकार की चुप्पी यह दर्शाती है कि परीक्षा माफियाओं के साथ सरकार की साठगांठ है.
राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा
भाजयुमो प्रतिनिधिमंडल ने पलामू उपायुक्त के माध्यम से राज्यपाल को एक ज्ञापन सौंपा. जिसमें वर्ष 2019 के बाद से आयोजित सभी JPSC, JSSC CGL एवं अन्य भर्ती परीक्षाओं की सीबीआई CBI जांच कराने की मांग की गई. इसके साथ ही दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन कर स्पीडी ट्रायल चलाने की मांग रखी गई. नेताओं ने भर्ती परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से तत्काल पद से इस्तीफा देने की मांग की. ज्ञापन में यह भी कहा गया कि 14वें जेपीएससी JPSC गड़बड़ी मामले में तत्कालीन अध्यक्ष एल. ख्यांगते का सिर्फ इस्तीफा देना काफी नहीं है. उन पर मामला दर्ज कर तुरंत गिरफ्तारी की जाए.

ये है अन्य मांग
इसके अलावा जेपीएससी JPSC के तीनों सदस्यों की बर्खास्तगी व गिरफ्तारी और उत्पाद सिपाही दौड़ परीक्षा के दौरान जान गंवाने वाले अभ्यर्थियों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिए जाने की मांग प्रमुखता से उठाई गई. इस दौरान नरेंद्र पांडे, दुर्गा जौहरी, विपुल कुमार गुप्ता, विश्वजीत पाठक, राजहंस अग्रवाल, शंभू पासवान, लवली गुप्ता अन्य लोग मौजूद रहे.
