पलामू डीसी ने जनगणना 2027 को लेकर दी विस्तृत जानकारी, दो चरणों में संपन्न होगी प्रक्रिया
Palamu : पलामू उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने प्रेस वार्ता के माध्यम से आगामी जनगणना 2027 के सफल क्रियान्वयन को लेकर आधिकारिक रूपरेखा साझा की. उन्होंने बताया कि आगामी जनगणना दो मुख्य चरणों में पूरी की जाएगी. प्रथम चरण के तहत मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का कार्य 16 मई 2026 से शुरू होकर 14 जून 2026 तक चलेगा. इसके बाद, दूसरे चरण में जनसंख्या की वास्तविक गणना फरवरी 2027 में की जाएगी. जनगणना के इतिहास में यह पहली बार होगा जब दो विशेष नई व्यवस्थाएं लागू की जा रही हैं, जिसमें स्व-गणना (Self-Enumeration) और डिजिटल ऐप के माध्यम से डेटा संग्रह शामिल है.
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स्व-गणना और डिजिटल पहल
उपायुक्त ने जानकारी दी कि 1 मई 2026 से 15 मई 2026 के बीच आम नागरिक डिजिटल ऐप या आधिकारिक वेबसाइट se.census.gov.in के माध्यम से अपनी गणना स्वयं कर सकेंगे. इस पूरी प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए जिले में लगभग 3816 प्रगणक (Enumerators) और 722 सुपरवाइजर नियुक्त किए गए हैं. ग्रामीण क्षेत्रों के लिए प्रखंड विकास पदाधिकारियों और शहरी क्षेत्रों के लिए कार्यपालक पदाधिकारियों को इस कार्य के सफल संपादन के लिए आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं.
डेटा सुरक्षा और गोपनीयता पर जोर
उपायुक्त ने स्पष्ट किया है कि जनगणना के दौरान किसी भी परिस्थिति में आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक विवरण या ओटीपी जैसी संवेदनशील जानकारी नहीं मांगी जाएगी. उन्होंने आम जनता से अपील की है कि वे ऐसी किसी भी निजी जानकारी को साझा करने से बचें और धोखाधड़ी के प्रति सचेत रहें. जनगणना कार्य में लगे सभी कर्मियों को क्यूआर कोड (QR Code) युक्त आधिकारिक पहचान पत्र उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे नागरिक उनकी पहचान की सत्यता की जांच कर सकेंगे. किसी भी गैर-अधिकृत व्यक्ति को जनगणना संबंधी डेटा साझा नहीं करने की सलाह दी गई है.

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व्यापक सर्वेक्षण और सहयोग की अपील
इस बार की जनगणना में कुल 33 बिंदुओं पर जानकारी एकत्र की जाएगी, जिसमें परिवार की स्थिति, घर में उपलब्ध सुविधाएं जैसे पेयजल, बिजली, शौचालय, इंटरनेट और उपयोग किए जाने वाले वाहनों एवं संचार साधनों का विवरण शामिल होगा. प्रशासन का मुख्य लक्ष्य आंकड़ों की उच्च गुणवत्ता और पूर्ण गोपनीयता बनाए रखना है. उपायुक्त ने इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य में जनप्रतिनिधियों, प्रबुद्ध नागरिकों और प्रेस मीडिया से सक्रिय सहयोग की अपेक्षा की है ताकि शत-प्रतिशत सटीक आंकड़े जुटाए जा सके.
