Chaibasa : पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में सोमवार को जिले के सभी जन वितरण प्रणाली (PDS) दुकानों पर आहार दिवस का आयोजन किया गया. इस दौरान राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) और ग्रीन राशन कार्ड योजना के तहत पात्र लाभुकों के बीच जुलाई माह के खाद्यान्न का वितरण किया गया. जिला प्रशासन ने राशन वितरण को पारदर्शी, समयबद्ध और सुचारु बनाने के लिए सभी प्रखंडों में विशेष निगरानी व्यवस्था लागू की.
18 प्रखंडों में वरीय अधिकारियों की तैनाती
आहार दिवस के सफल संचालन के लिए जिला प्रशासन ने जिले के सभी 18 प्रखंडों में वरीय पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की. अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्र की जन वितरण प्रणाली दुकानों का निरीक्षण कर राशन वितरण व्यवस्था का जायजा लिया. निरीक्षण के दौरान खाद्यान्न की उपलब्धता, स्टॉक पंजी, वितरण पंजी, ई-पॉस (e-POS) मशीन के माध्यम से वितरण और लाभुकों की उपस्थिति की जांच की गई.

लाभुकों से सीधे ली गई फीडबैक
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने राशन लेने पहुंचे लाभुकों से बातचीत कर खाद्यान्न की गुणवत्ता, निर्धारित मात्रा और वितरण प्रक्रिया के संबंध में जानकारी प्राप्त की. साथ ही यह सुनिश्चित किया गया कि सभी पात्र कार्डधारियों को बिना किसी भेदभाव और अनावश्यक विलंब के निर्धारित मात्रा में राशन उपलब्ध कराया जाए.
PDS दुकानदारों को दिए गए सख्त निर्देश
जिला प्रशासन ने सभी जन वितरण प्रणाली दुकानदारों को सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करने का निर्देश दिया है. प्रत्येक लाभुक का प्रमाणीकरण (Authentication) कर निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न वितरण करने तथा सभी अभिलेखों का नियमित संधारण सुनिश्चित करने को कहा गया है.
सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने पर जोर
प्रशासन ने कहा कि आहार दिवस का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है, ताकि खाद्य सुरक्षा योजनाओं का लाभ समय पर हर पात्र परिवार तक पहुंच सके. निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने वितरण व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए.
अनियमितता मिलने पर शिकायत करने की अपील
जिला प्रशासन ने सभी पात्र राशन कार्डधारियों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथि पर अपने निकटतम जन वितरण प्रणाली दुकान से जुलाई माह का खाद्यान्न प्राप्त करें. यदि राशन वितरण में किसी प्रकार की अनियमितता या समस्या सामने आती है, तो इसकी सूचना संबंधित प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी या जिला आपूर्ति कार्यालय को दें, ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके.
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