Ravi Bharti
Ranchi: नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय ‘स्टेक होल्डर्स कंसल्टेशन’ कार्यक्रम में उस वक्त पूरा सदन तालियों से गूंज उठा, जब वैश्विक तकनीकी दिग्गज कंपनी गूगल के पब्लिक रिलेशन हेड राजेश रंजन ने मंच से अपनी माटी के प्रति गहरा सम्मान व्यक्त किया. पलामू के रहने वाले राजेश रंजन ने झारखंड के डिजिटल और तकनीकी भविष्य को बदलने के लिए एक बेहद सकारात्मक और ऐतिहासिक घोषणा की. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की उपस्थिति में उन्होंने स्पष्ट किया कि गूगल झारखंड के युवाओं को वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.

पलामू से निकलकर गूगल तक का सफर
कार्यक्रम के विशेष सत्र को संबोधित करते हुए गूगल के पीआर हेड राजेश रंजन ने बड़े ही गर्व के साथ अपनी जड़ों को याद किया. उन्होंने कहा कि मैं झारखंड के पलामू से आता हूं. गूगल झारखंड का पूरा साथ देगा और राज्य के विकास में कंधे से कंधा मिलाकर चलेगा. उन्होंने तकनीक की ताकत पर जोर देते हुए कहा कि टेक्नोलॉजी समाज में ऊंच-नीच की खाई को पाटकर समानता लाने का सबसे बेहतरीन जरिया है. यह आज के परिवेश को पूरी तरह सकारात्मक रूप में बदल सकती है. राजेश रंजन ने कहा कि गूगल का मुख्य फोकस झारखंड के युवाओं को हर संभव अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि राज्य के प्रतिभावान युवा भी वैश्विक एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) क्रांति में अपना बड़ा योगदान दे सकें. इसके लिए गूगल राज्य में बड़े पैमाने पर ‘कैपेसिटी बिल्डिंग’ (क्षमता निर्माण) कार्यक्रमों का संचालन करेगा.
भारत की जीडीपी में एआई का होगा 10% योगदान: माइक्रोसॉफ्ट
गूगल के साथ-साथ दुनिया की एक और दिग्गज कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने भी झारखंड के विजन में सुर मिलाया. माइक्रोसॉफ्ट इंडिया के पब्लिक रिलेशन निदेशक संदीप अरोड़ा ने कहा कि माइक्रोसॉफ्ट पिछले चार दशकों से भारत की प्रगति में साझीदार रहा है. उन्होंने बताया कि आने वाले समय में देश की कुल जीडीपी का 10 फीसदी हिस्सा अकेले एआई सेक्टर से आने वाला है, और देश की यह प्रगति राज्यों के मजबूत सहयोग से ही संभव होगी. उन्होंने भरोसा दिया कि माइक्रोसॉफ्ट और झारखंड मिलकर राज्य के इस डिजिटल विजन को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे.
रियल टाइम डेटा और रेवेन्यू में तकनीक का बढ़ेगा इस्तेमाल
सत्र के दौरान विशेषज्ञ अलीन कुमार ने भी तकनीकी सुधारों पर बल दिया. उन्होंने कहा कि झारखंड को अब ‘रियल टाइम डेटा’ के प्रबंधन की ओर तेजी से बढ़ना चाहिए. साथ ही, राज्य के राजस्व (रेवेन्यू) संग्रह को अधिक पारदर्शी और सुदृढ़ बनाने के लिए अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाना बेहद जरूरी है.
‘सरकार के पास मजबूत इच्छाशक्ति, हर जरूरत होगी पूरी’: मुख्य सचिव
मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने सरकार की ओर से निवेशकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि राज्य में एआई के क्षेत्र में निवेश को हर संभव बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि आम जनता को मिलने वाली ‘सर्विस डिलीवरी’ (जनसुविधाएं) को और बेहतर बनाया जा सके. उन्होंने दृढ़ संकल्प दोहराते हुए कहा कि वर्तमान सरकार के पास विकास की ‘इच्छा भी है और शक्ति भी’. सरकार हर तकनीकी और बुनियादी आवश्यकता को पूरा करने के लिए तैयार है.
रांची में 101 एकड़ में चमकेगा आईटी पार्क, नई नीति नोटिफाई: पूजा सिंघल
आईटी सचिव पूजा सिंघल ने राज्य की मजबूत प्रशासनिक तैयारियों का खाका पेश किया. उन्होंने बताया कि एआई को शासन में शामिल करने का मुख्य उद्देश्य ‘डिजिटल गवर्नेंस’ को सुदृढ़ करना और युवाओं के लिए रोजगार का सृजन करना है. उन्होंने एक बड़ी उपलब्धि साझा करते हुए बताया कि रांची में भव्य ‘आईटी पार्क’ के निर्माण के लिए 101 एकड़ पूरी तरह से अतिक्रमणमुक्त जमीन चिन्हित कर ली गई है. इसके साथ ही, निवेशकों की सहूलियत के लिए राज्य की नई और प्रगतिशील ‘आईटी पॉलिसी’ को भी नोटिफाई कर दिया गया है.
मुख्यमंत्री और मंत्रियों की उपस्थिति ने बढ़ाया उत्साह
इस बेहद महत्वपूर्ण तकनीकी सत्र में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ उनकी कैबिनेट के सहयोगी मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, विधायक संजय प्रसाद यादव और विधायक सुदिव्य कुमार सोनू भी मौजूद रहे.


