– केंद्रीय गृह मंत्री अमित साह के निर्देश पर सीआइडी मुख्यालय ने शुरू की पहल.

– पुलिस के लिए एक अगस्त 2026 तक का डेटलाइन किया गया है निधर्रित
रांचीः केंद्रीय गृह मंत्री अमित साह के निर्देश पर झारखंड पुलिस ने ड्रग्स की तस्करी और अफीम की खेती करने वाले पर कठोर कारर्वाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है. अफीम और ड्रग्स की आदतन तस्करी करने वाले पर बिना किसी मुकदमे की जेल भेजने की तैयारी झारखंड पुलिस ने शुरू कर दी है,ताकि ड्रग्स की तस्करी और अफीम की खेती करने वाले का झारखंड से सफाया किया जा सके. केंद्रीय गृह मंत्री के निर्देश पर 1200 लोगों को चिंहित कर कार्रवाई किया जाना है. इसके लिए एक अगस्त 2026 का डेट लाइन तय किया गया है. इसलिए झारखंड पुलिस ने चिंहित कर कार्रवाई करने की प्रक्रिया राज्य के सभी जिलों में शुरू कर दी है. इसके लिए सीआइडी मुख्यालय की ओर से सभी जिलों के एसपी को पत्राचार किया गया है. जिसमें यह भी बताया गया है कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) जोनल ऑफिस रांची के द्वारा कुछ अपराधियों का डाटा बेस भी तैयार किया गया है. जिसे सत्यापन के लिए सीआइडी मुख्यालय ने सभी जिलों के एसपी को निर्देश दिया है.
क्या है पिट एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रावधान:
पिट एनडीपीएस एक्ट का पूरा नाम prevention of illicit traffic in narcotic drugs and psychotropic substance act है. इसका उद़देश्य मुख्य रूप से ड्रग माफियाओ,नशा तस्करों और बार बार अपराध में पकड़े जाने वाले अपराधियों पर नकेल कसना है. इस एक्ट के तहत पुलिस को यह अधिकार होता है कि अगर उन्हें किसी व्यक्ति पर नशा की तस्करी करने, अफीम की खेती में शामिल होने का पक्का संदेह हैं, तब वह अपराध से रोकने के लिए बिना किसी मुकदमे के छह माह से लेकर एक साल तक के लिए हिरासत में (जेल में ) रख सकती है.
राज्य में आठ जिला हैं अफीम की खेती को लेकर चर्चित:
राज्य में अफीम की खेती को लेकर विशेष रूप से आठ जिला चर्चित हैं, इनमें चतरा, खूंटी, लातेहार,रांची, पलामू, चाईबासा, सरायकेला और हजारीबाग जिला का नाम मुख्य रूप से शामिल हैं. इन जिला में प्रत्येक वर्ष अफीम की खेती होती है. झारखंड पुलिस प्रत्येक साल अभियान चलाकर अफीम की खेती को नष्ट करने का काम करती है.
