Ranchi : राज्य में अपराध के आंकड़ों को संकलित करने और उन्हें सार्वजनिक करने वाली महत्वपूर्ण इकाई, स्टेट क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (SCRB) की वेबसाइट पिछले छह महीनों से अपडेट नहीं की गई है. चौंकाने वाली बात यह है कि इस विभाग में डीआईजी और एसपी रैंक के आला अधिकारी तैनात हैं, फिर भी सिस्टम सुस्त पड़ा है.
अक्टूबर 2025 के बाद से आंकड़े गायब
झारखंड पुलिस की ऑफिशियल एससीआरबी वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मासिक अपराध डेटा अक्टूबर 2025 के बाद से अपडेट नहीं हुआ है. इसका सीधा मतलब यह है कि नवंबर 2025 से लेकर अब तक (मई 2026) राज्य में कितने मर्डर, रेप, लूट और साइबर क्राइम हुए. इसका कोई आधिकारिक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है, या फिर लापरवाही के वजह से अपडेट नहीं किया जा रहा है.


अधिकारियों की मौजूदगी, फिर भी काम अधूरा
एससीआरबी में शीर्ष स्तर पर अधिकारियों की पदस्थापना केवल प्रशासनिक खानापूर्ति बनकर रह गई है. जब महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी तय है, तो डेटा अपलोडिंग में आधा साल की देरी गंभीर लापरवाही की ओर इशारा करती है. एक तरफ जहां अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) समय-समय पर हत्या, डकैती और अन्य अपराधों के आंकड़े अपडेट कर रहा है, वहीं एससीआरबी की वेबसाइट पर यह जानकारी शून्य है. पुलिस के दो महत्वपूर्ण अंगों के बीच समन्वय की कमी साफ झलकती है.
एससीआरबी वेबसाइट राज्य में अपराध की स्थिति, दुर्घटनाओं और पुलिसिंग एक्टिविटी का विस्तृत डेटा देने के लिए बनाई गई है. डेटा के अभाव में राज्य में कानून-व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का आकलन करना मुश्किल हो गया है.
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