Hazaribagh : शहर के प्रबुद्ध नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सेव हजारीबाग’ अभियान के बैनर तले एक प्रेस वार्ता कर जिला परिषद चौक से संत कोलम्बस कॉलेज मार्ग के प्रस्तावित चौड़ीकरण का पुरजोर विरोध किया है. प्रेसवार्ता में वक्ताओं ने 107 करोड़ रुपये के इस टेंडर को अनावश्यक बताते हुए इसे जनता के पैसों की लूट और भ्रष्टाचार का “मास्टरमाइंड” खेल करार दिया.

जब जाम नहीं, तो चौड़ीकरण क्यों?
प्रेसवार्ता में प्रबुद्धजनों ने साफ किया कि उन्हें विकास से कोई परहेज नहीं है, लेकिन यह योजना पूरी तरह गैर-जरूरी है. नया बाईपास बनने के बाद से इस पुराने एनएच-33 मार्ग पर वाहनों का दबाव न के बराबर है. जल्द ही बस पड़ाव भी यहां से शिफ्ट होने वाला है. यदि जिला परिषद चौक पर थोड़ी बहुत समस्या है भी, तो उसे बेहतर ट्रैफिक मैनेजमेंट और अतिक्रमण हटाकर ठीक किया जा सकता है, न कि करोड़ों रुपये फूंककर.
असली जाम वाले रास्तों की अनदेखी, रिंग रोड का सपना अधूरा
आरोप लगाया गया कि शहर में असली जाम मेन रोड, इन्द्रपुरी चौक, कल्लू चौक, बंशीलाल चौक, सरदार चौक, आनन्दा स्कूल रोड, गुरु गोविन्द सिंह रोड और समनगर रोड में लगता है. दशकों से इन रास्तों के चौड़ीकरण की मांग लंबित है, लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा. वहीं, शहर को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए दो दशक से बन रहे रिंग रोड का निर्माण आज भी अधूरा है. कुछ लोगों द्वारा जमीन का भाव बढ़ाने के लिए अड़ंगा डालने के कारण यह योजना खटाई में पड़ी है, जिस पर प्रशासन मौन है.
पर्यावरण बचाने को लेकर छिड़ेगा आंदोलन
‘सेव हजारीबाग’ टीम ने संकल्प लिया कि हजारीबाग की पहचान यहां के तालाबों और सड़कों के किनारे खड़े पुराने वृक्षों से है, जिसे मिटने नहीं दिया जाएगा. इस महीने शहर के बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग एकजुट होकर इस आंदोलन से जुड़ेंगे. इन बेजुबान पेड़ों को बचाने के लिए कानूनी, सामाजिक और जमीनी स्तर पर पुरजोर विरोध किया जाएगा.
