Newswave Desk: लंबे समय बाद संसद में भाजपा सांसद राघव चड्ढा एक बार फिर अपने पुराने अंदाज में नजर आए. उन्होंने राज्यसभा में डॉक्टरों और डायग्नोस्टिक सेंटर के बीच चलने वाले कथित कमीशन के खेल का मुद्दा उठाया. चड्ढा ने कहा कि मरीजों को पता भी नहीं चलता कि जांच के लिए दिए गए पैसे का एक हिस्सा कमीशन के रूप में दिया जा रहा है. उन्होंने इसे स्वास्थ्य व्यवस्था में चल रही एक तरह की समानांतर अर्थव्यवस्था बताया.

कानून में कमीशन पर रोक
चड्ढा ने ‘इंडियन जर्नल ऑफ मेडिकल एथिक्स’ का हवाला देते हुए कहा कि ऐसे अनैतिक तरीकों के कारण मरीजों का मेडिकल खर्च 15 से 20 फीसदी तक बढ़ सकता है. कई बार मरीजों को ऐसी जांच कराने की सलाह भी दी जाती है, जिनकी जरूरत नहीं होती. उन्होंने कहा कि मरीज इलाज कराने अस्पताल आते हैं, किसी का कमीशन देने के लिए नहीं. लेकिन आखिरकार इस कमीशन का बोझ मरीज के बिल पर ही पड़ता है. राघव चड्ढा ने कहा कि डॉक्टरों और जांच केंद्रों के बीच इस तरह की कमीशनखोरी पर पहले से ही रोक है. मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के 2002 के नियमों में इसे ‘फी-स्पिटिंग’ के तौर पर प्रतिबंधित किया गया था. इसके अलावा नेशनल मेडिकल कमीशन के 2023 के नियमों में भी ऐसी व्यवस्था की मनाही है. उन्होंने कहा कि नियम तोड़ने वाले डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है और गंभीर मामलों में अन्य कानूनी प्रावधान भी लागू किए जा सकते हैं.

In Parliament today, I spoke on the “cut money” arrangement between some doctors and diagnostic centres/ pathology labs.
Diagnostic centres call it “marketing expense.” Doctors call it “referral commission.” All gets added to Patient’s hospital bill.
A silent transaction that… pic.twitter.com/Fi2CCfyGfc
— Raghav Chadha (@raghav_chadha) August 6, 2026
मरीजों को दी सतर्क रहने की सलाह
चड्ढा ने साफ किया कि उनका बयान पूरे डॉक्टर समुदाय के खिलाफ नहीं है. उन्होंने कहा कि देश के ज्यादातर डॉक्टर ईमानदारी और सेवाभाव से मरीजों का इलाज करते हैं. उनका विरोध उस सिस्टम से है, जिसमें मरीजों से जुड़ी जांच के नाम पर कमीशन लिया जाता है. उन्होंने लोगों से अपील की कि अगर उन्हें किसी खास डायग्नोस्टिक सेंटर पर जांच कराने के लिए मजबूर किया जाता है, तो वे सावधान रहें. मरीजों को अपनी पसंद के भरोसेमंद और मान्यता प्राप्त जांच केंद्र से जांच कराने की आजादी होनी चाहिए.

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