Ranchi: झारखंड की सियासी बिसात पर राज्यसभा चुनाव को लेकर शह-मात का खेल चरम पर पहुंच गया है. सोशल मीडिया से लेकर रांची के सियासी गलियारों तक अचानक हलचल दोगुनी हो गई है. वजह है झारखंड मुक्ति मोर्चा का एक ऐसा सोशल मीडिया पोस्ट, जिसने विपक्षी खेमे की नींद उड़ा दी है. झामुमो ने अपने आधिकारिक हैंडल से महज तीन शब्द लिखे हैं, “56 नहीं 61”. इस जादुई आंकड़े के सामने आते ही सूबे का सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है.
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क्या है ’61’ का गणित और इसके सियासी मायने
दरसअल, राज्यसभा की रेस में महागठबंधन के दोनों उम्मीदवारों को सुरक्षित जीत दर्ज करने के लिए 28-28 विधायकों (कुल 56) के समर्थन की जरूरत है. लेकिन झामुमो द्वारा 61 विधायकों के समर्थन का दावा करना सामान्य गणित नहीं, बल्कि एक सोची-समझी रणनीतिक घेराबंदी है. अब देखना दिलचस्प होगा कि विपक्ष इस 61 नंबर की गुत्थी को कैसे सुलझाता है.



