Ranchi: झारखंड में 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव की सियासी बिसात पर महागठबंधन ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. इस चुनावी जंग को फतह करने के लिए राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने अपना सबसे बड़ा और भरोसेमंद दांव चल दिया है. पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के ‘चाणक्य’ और राष्ट्रीय महासचिव भोला प्रसाद यादव झारखंड में राजद के चुनावी रणनीतिकार पोलिंग एजेंट की भूमिका में नजर आएंगे. राजद ने इसकी आधिकारिक जानकारी चुनाव आयोग और विधानसभा सचिवालय को सौंप दी है. भोला यादव की एंट्री ने इस मुकाबले को बेहद दिलचस्प बना दिया है.
यह भी पढ़ें: 18 जून को दिखेगा 56 का दम या रेडिशन ब्लू की किलेबंदी का असर, राज्यसभा की एक सीट सुरक्षित, दूसरी पर खेला होने के आसार
बंद कमरे में मैराथन बैठक
इस नई रणनीति के बीच, कांग्रेस के राज्यसभा उम्मीदवार प्रणव झा पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ सीधे राजद कार्यालय पहुंचे. यहां राजद कोटे के मंत्री संजय प्रसाद यादव और पार्टी के चारों विधायकों की मौजूदगी में करीब दो घंटे तक बंद कमरे में मैराथन मंथन हुआ. बैठक में रणनीतिकार भोला यादव खुद मौजूद रहे, जिन्होंने जीत के समीकरणों को दुरुस्त किया. कांग्रेस और राजद के शीर्ष नेतृत्व ने इस बैठक में एकजुटता का मजबूत संदेश दिया. कांग्रेस की ओर से प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, बंधु तिर्की, कैबिनेट मंत्री दीपिका पांडेय सिंह और वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कमान संभाली.

यह भी पढ़ें: 7वीं JPSC से नियुक्त अधिकारी व जवान को एसीबी ने रिश्वत लेते किया गिरफ्तार
क्या है बैठक के सियासी मायने?
दो घंटे चली इस उच्च स्तरीय बैठक में विधायकों के एक-एक वोट को सहेजने और क्रॉस वोटिंग के खतरे को टालने पर गहन चर्चा हुई. लालू प्रसाद के सबसे करीबी रणनीतिकार की मौजूदगी यह साफ करती है कि महागठबंधन इस सीट को लेकर कोई जोखिम नहीं उठाना चाहता. राजद और कांग्रेस का यह संयुक्त विंग अब पूरी तरह चुनावी मोड में आ चुका है.



