Ranchi: झारखंड राज्य खाद्य निगम के प्रखंड गोदामों में काम करने वाले मोटिया मजदूरों को पिछले तीन-चार महीनों से मजदूरी नहीं मिलने का मामला सामने आया है. भुगतान नहीं होने से मजदूरों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है. मजदूरों का कहना है कि लगातार काम करने के बावजूद मेहनताना नहीं मिलने से घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है और कई परिवार कर्ज लेने को मजबूर हैं. SFC मोटिया मजदूर संघ के क्षेत्रीय अध्यक्ष संतोष कुमार सोनी ने इस मामले को लेकर झारखंड राज्य खाद्य निगम रांची के प्रबंध निदेशक को पत्र भेजा है. उन्होंने कहा कि मजदूरों की आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती जा रही है. आमदनी रुकने के कारण कई मजदूर कर्ज के बोझ में दब रहे हैं और कुछ को कर्ज पर ब्याज तक चुकाने में परेशानी हो रही है. सोनी ने प्रबंध निदेशक से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और संबंधित ठेकेदारों से मजदूरों की बकाया मजदूरी का भुगतान कराने की मांग की है. उन्होंने कहा कि मजदूरों को उनका मेहनताना समय पर मिलना चाहिए, ताकि उनके परिवारों के सामने रोजमर्रा की जरूरतों का संकट न खड़ा हो.

31 अगस्त तक भुगतान नहीं हुआ तो काम बंद
मजदूर संघ ने अब बकाया भुगतान के लिए समयसीमा भी तय कर दी है. संतोष कुमार सोनी ने चेतावनी दी है कि यदि 31 अगस्त तक सभी बकाया मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया, तो मोटिया मजदूर प्रखंड गोदामों में रिसीट कार्य का बहिष्कार करेंगे. इसके बाद संघ के बैनर तले सभी काम ठप करने का निर्णय लिया जा सकता है. संघ ने स्पष्ट किया है कि ऐसी स्थिति पैदा होने पर इसकी जिम्मेदारी संबंधित ठेकेदारों और झारखंड राज्य खाद्य निगम के प्रबंध निदेशक की होगी.

