Ranchi : राजधानी में अपराधियों ने ठगी का तरीका बदल दिया है. सीधे तौर पर लूटपाट करने के बजाय अब ठग कानून और रसूख की आड़ लेकर आम लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं. अपराधी पुलिस की वर्दी और रेलवे कर्मचारियों के रसूख का इस्तेमाल कर लोगों में खौफ पैदा कर रहे हैं और उनके पैसे ऐंठ रहे है.
लालपुर में फर्जी पुलिस बनकर की गयी ठगी
ठगी का पहला मामला रांची के लालपुर थाना क्षेत्र का है. बीते सात जुलाई को अपराधियों ने खुद को रांची पुलिस का जवान बताकर एक राहगीर को रोका. ठगों ने चेकिंग के नाम पर व्यक्ति को डराया और झांसा देकर उसके सोने के कंगन लेकर फरार हो गए. पीड़ित को भनक तक नहीं लगी कि खाकी वर्दी में सामने खड़े लोग असली पुलिसवाले नहीं बल्कि शातिर ठग थे. लालपुर पुलिस इस मामले में सीसीटीवी CCTV फुटेज खंगाल रही है और वेशभूषा के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुटी है.
रांची जंक्शन में टिकट कंफर्म कराने के नाम पर हुई ठगी
वहीं, दूसरा मामला रांची रेलवे जंक्शन से सामने आया है. जहां शनिवार को रेलवे सुरक्षा बल और रेल पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए एक फर्जी टीटीई TTE गिरोह को पकड़ा. रांची स्टेशन पर लंबे समय से यह गिरोह सक्रिय था और फर्जी टीटीई TTE बनकर ठगी की वारदात को अंजाम दे रहा था. यह ठग बकायदा टीटीई TTE की ड्रेस पहनकर और फर्जी नेम प्लेट लगाकर प्लेटफॉर्म पर घूम रहा था. वह सीधे साधे यात्रियों, विशेषकर वेटिंग टिकट वाले लोगों को अपना निशाना बना रहा था. ट्रेन में कंफर्म सीट दिलाने के नाम पर वह यात्रियों से मोटी रकम वसूल रहा था. कुछ यात्रियों को शक होने पर उन्होंने इसकी सूचना रेल अधिकारियों को दी. जिसके बाद आरोपी को दबोच लिया गया.
पुलिस और रेल प्रशासन ने जारी की चेतावनी
लगातार बदल रहे ठगी के इन तरीकों को देखते हुए रांची पुलिस और रेल प्रशासन बेहद सतर्क है. पुलिस अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि सड़क पर किसी भी अनजान व्यक्ति के झांसे में न आएं. अगर कोई खुद को पुलिसवाला बताकर चेकिंग की बात करता है, तो उससे उसका पहचान पत्र जरूर मांगें. वहीं, रेलवे प्रशासन ने साफ किया है कि टिकट केवल काउंटर या आधिकारिक वेबसाइट से ही बुक कराएं. किसी भी रेलकर्मी या बिचौलिए को नकद पैसा न दें.
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