रांची: खेलगाँव थाना क्षेत्र के आनंद विहार में बीते 19 फरवरी को हुई आसिफ अंसारी की सनसनीखेज हत्या की गुत्थी को रांची पुलिस ने सुलझा लिया है.
एसएसपी राकेश रंजन के निर्देश पर सिटी एसपी पारस के नेतृत्व में गठित पुलिस की टीम को जांच में कई अहम जानकारी मिली. जांच में पता चला कि यह हत्या किसी आपसी विवाद का तात्कालिक परिणाम नहीं, बल्कि वर्षों से चल रहे प्रेम प्रसंग के कारण उपजी ईर्ष्या और बदले की भावना से रची गई एक खौफनाक साजिश थी. पुलिस ने इस मामले में मुख्य साजिशकर्ता पति-पत्नी समेत कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. जिनमें जोन्सन मिंज (35 वर्ष) मुख्य साजिशकर्ता, बिउला टोप्पो मृतक की प्रेमिका और जोन्सन की पत्नी, दीपक अग्रवाल साजिश में सहयोगी, प्रिंस कुमार और प्रेम लकड़ा शामिल है.
क्या है पूरा मामला?
19 फरवरी की सुबह करीब 06:45 बजे आनंद विहार स्थित केपी स्कूल के पास पुलिस को एक अज्ञात शव मिला था, जिसके सिर पर गहरे जख्म के निशान थे. मृतक की पहचान कांटाटोली के रजा कॉलोनी निवासी आशिफ अंसारी (पिता: मो० इरफ़ान अली) के रूप में हुई. रांची पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए खेलगाँव थाना कांड संख्या – 09/26 दर्ज कर जांच शुरू की.
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15-16 साल का प्रेम प्रसंग बना मौत की वजह:
पुलिस टीम ने जब जांच की, तो प्रेम त्रिकोण का मामला सामने आया. पुलिस के अनुसार, मृतक आसिफ अंसारी का आनंद विहार निवासी बिउला टोप्पो के साथ पिछले 15-16 वर्षों से प्रेम प्रसंग चल रहा था. इस रिश्ते की जानकारी बिउला के पति जोन्सन मिंज को थी, जिससे वह काफी परेशान और आक्रोशित रहता था.
8 लाख की सुपारी और खूनी साजिश:
अपनी पत्नी के प्रेमी को रास्ते से हटाने के लिए जोन्सन मिंज ने अपने मित्र दीपक अग्रवाल के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई. साजिश के तहत आरोपियों को भारी-भरकम राशि की सुपारी दी गई. जिनमें।प्रिंस कुमार को 1.60 लाख, प्रेम लकड़ा को 2.40 लाख रुपया दिया गया. इसके अलावा योजना में शामिल दीपक अग्रवाल को भी जोन्सन मिंज ने करीब 4 लाख रुपये दिए.Read Also: 23 फरवरी के मतदान से पहले पोलिंग पार्टियां रवाना, डीसी ने किया निरीक्षण
