Ranchi: धुर्वा थाना क्षेत्र के डीटी खटाल के आपसी विवाद में हुए मारपीट के बाद पुलिस और आरोपियों के प्रताड़ना से तंग आकर प्रधान यादव ने सुसाइड कर लिया था, उस मामले के मुख्य आरोपी जितेंद्र यादव ने बुधवार को धुर्वा थाना में सरेंडर कर दिया. धुर्वा पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. प्रधान यादव ने 15 जून को सुसाइड किया था. मामले में थाना प्रभारी और केस के आइओ लालमोहर पांडेय को निलंबित कर दिया गया था. आपसी मारपीट के मामले में केस होने और प्रताड़ना के कारण प्रधान यादव ने आत्महत्या कर ली थी और इसका जिम्मेवार केस के आइओ लाल मोहर पांडेय, मारपीट के आरोपी जितेंद्र यादव, उसका भाई, धर्मेंद्र यादव, जितेलेश यादव को ठहराया था.
सुसाइड नोट में प्रधान यादव ने क्या लिखा था
सुसाइड नोट में प्रधान यादव ने लिखा था कि पिछले 05 जून को कुछ बातों को लेकर स्वर्गीय यादव के चारों पुत्र जितेंद्र यादव, उसका भाई, धर्मेंद्र यादव, जितेलेश यादव से विवाद के बाद मारपीट हुआ था. उसके बाद आरोपियों ने उनके साथ लाठी-डंडा, रॉड, तलवार व भाले से हमपर हमला कर दिया. जिससे मैं, मेरी पत्नी और बुजुर्ग पिता भी गंभीर रूप से घायल होकर लहुलुहान हो गये. इसकी जानकारी जब हमलोग धुर्वा थान को देने गये थे तो आरोपियों पर कार्रवाई के बजाय हमलोगों को ही दोषी ठहराने लगे. इस दौरान एएसआइ लालमोहर पांडेय जज की तरह न्याय कर रहे थे. उसने सोसाइड नोट में लिखा था कि मैं कानूनीविद नहीं हूं, इसलिए कानून की बहुत जानकारी नहीं है. जब बहुत ज्यादा तंग हो गया तो कंप्रोमाइज के मुड में भी आ गया. परंतु धुर्वा थाना के एएसआइ लालमोहर पांडेय मुझे ही दोषी ठहराने लगे. उसने सुसाइड नोट में लिखा था कि आरोपियों को पुलिस का संरक्षण प्राप्त है. इसका कारण है कि वे धुर्वा बस स्टैंड में चाय व खाना के होटल चलाते हैं, वहां अवैध कारोबार भी करते हैं.



