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रांची में गूंजेगी श्रीकृष्ण भक्ति की रसधार, 10 से 12 जुलाई तक जया किशोरी सुनाएंगी ‘नानी बाई का मायरा’

Ranchi: रांची के होटवार स्टेडियम परिसर में 10 से 12 जुलाई तक प्रसिद्ध कथावाचक जया किशोरी की तीन दिवसीय श्रीकृष्ण कथा का...

Ranchi: रांची के होटवार स्टेडियम परिसर में 10 से 12 जुलाई तक प्रसिद्ध कथावाचक जया किशोरी की तीन दिवसीय श्रीकृष्ण कथा का आयोजन किया जाएगा. प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक चलने वाली इस कथा में जया किशोरी ‘नानी बाई का मायरा’ प्रसंग के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की महिमा का वर्णन करेंगी. कथा के दौरान भक्ति संगीत और मधुर भजनों की प्रस्तुति भी होगी, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय माहौल में सराबोर रहेगा.

सुबह 11 बजे से मिलेगा प्रवेश, पास के लिए तय की गई शुल्क व्यवस्था

आयोजकों के अनुसार श्रद्धालुओं का प्रवेश सुबह 11 बजे से शुरू होगा. कार्यक्रम का आयोजन द ग्लोबल बिजनेश बैंचर प्राइवेट लिमिटेड की ओर से किया जा रहा है. आयोजक एवं सामाजिक कार्यकर्ता रौशन सिंह ने बताया कि कथा में प्रवेश कूपन के माध्यम से होगा. इसके तहत वीवीआईपी पास के लिए 25 हजार रुपये, वीआईपी पास के लिए 8 हजार रुपये और सामान्य पास के लिए 4 हजार रुपये का सदस्यता कूपन निर्धारित किया गया है.

5 हजार श्रद्धालुओं को मिलेगा निःशुल्क प्रवेश

आयोजकों ने 5,000 श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क प्रवेश की भी व्यवस्था की है. इच्छुक लोगों को इसके लिए लालपुर स्थित कार्यालय में जाकर पहले पंजीकरण कराना होगा. आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना को देखते हुए विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं.

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देश ही नहीं, विदेशों में भी है जया किशोरी की बड़ी पहचान

कम उम्र में आध्यात्मिक मार्ग अपनाने वाली जया किशोरी आज देश-विदेश में करोड़ों श्रद्धालुओं के बीच लोकप्रिय हैं. उनकी श्रीकृष्ण कथाएं, भजन और प्रेरणादायक विचार सोशल मीडिया पर भी काफी पसंद किए जाते हैं. खासकर युवाओं के बीच वे आध्यात्मिकता, सकारात्मक सोच और भारतीय संस्कारों को लेकर अपनी प्रेरणादायक बातों के लिए जानी जाती हैं.

शादी पर कई बार रख चुकी हैं अपना पक्ष

जया किशोरी अपनी निजी जिंदगी को लेकर भी अक्सर सुर्खियों में रहती हैं. शादी को लेकर पूछे जाने वाले सवालों पर वे कई बार स्पष्ट कर चुकी हैं कि वह न तो साध्वी हैं और न ही संन्यासिनी. उन्होंने कहा है कि भविष्य में वह विवाह करेंगी, लेकिन फिलहाल उनका पूरा ध्यान कथा और आध्यात्मिक सेवा पर है. उनका यह भी कहना है कि शादी के बाद भी वे कथा, भजन और आध्यात्मिक प्रवचनों के माध्यम से लोगों को भगवान की भक्ति और संस्कारों से जोड़ने का कार्य लगातार करती रहेंगी.

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