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गुमला में आकांक्षी जिला कार्यक्रम की समीक्षा, केंद्रीय प्रभारी अधिकारी अमित सतीजा ने दिए सुधार के निर्देश

Gumla: भारत सरकार के 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के संयुक्त सचिव सह गुमला जिले के केंद्रीय प्रभारी अधिकारी अमित सतीजा (आईएएस) की...

Gumla: भारत सरकार के 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के संयुक्त सचिव सह गुमला जिले के केंद्रीय प्रभारी अधिकारी अमित सतीजा (आईएएस) की अध्यक्षता में गुरुवार को नया समाहरणालय भवन, चन्दाली के सभाकक्ष में आकांक्षी जिला (ADP) एवं आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम (ABP) की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई. बैठक में जिले के विकास संकेतकों की बारीकी से समीक्षा करते हुए स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि क्षेत्र में बुनियादी सुधार लाने के निर्देश दिए गए. बैठक में मुख्य रूप से उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो, उप विकास आयुक्त अनिमेश रंजन, जिला योजना पदाधिकारी रमण कुमार, पिरामल फाउंडेशन के प्रतिनिधि सहित सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी मौजूद थे.

स्वास्थ्य और शिक्षा संकेतकों पर विशेष फोकस

समीक्षा के दौरान केंद्रीय प्रभारी अधिकारी अमित सतीजा ने स्वास्थ्य संकेतकों पर विशेष जोर दिया. उन्होंने जिले में प्रसव पूर्व देखभाल (ANC) पंजीकरण के पिछले वर्ष के 88 प्रतिशत से बढ़कर 97 प्रतिशत होने पर संतोष जताया, लेकिन इसे शत-प्रतिशत करने का निर्देश दिया. उन्होंने कम वजन के बच्चों के जन्म लेने के मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए जिला समाज कल्याण विभाग को इसके कारणों की पहचान कर पूरक पोषण वितरण व्यवस्था को मजबूत करने को कहा. इसके साथ ही टीबी मरीजों की स्क्रीनिंग, प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने और डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए.

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शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि केवल नामांकन के आंकड़ों से संतुष्ट न होकर यह भी सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी बच्चा शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे. उन्होंने सभी सरकारी विद्यालयों में पेयजल, क्रियाशील शौचालय और बिजली की शत-प्रतिशत उपलब्धता सुनिश्चित करने की हिदायत दी.

विकास योजनाओं और लंबित भुगतान पर भी हुई चर्चा

कृषि और संबद्ध क्षेत्रों की जमीनी हकीकत जानने के लिए उन्होंने उप विकास आयुक्त को फील्ड में रैंडम निरीक्षण करने की जिम्मेदारी सौंपी. बैठक में मृदा स्वास्थ्य कार्ड, पशु टीकाकरण, वित्तीय समावेशन और कौशल विकास की प्रगति की भी समीक्षा की गई. प्रशासनिक चुनौतियों पर चर्चा के दौरान यह जानकारी सामने आई कि गुमला को वामपंथी उग्रवाद प्रभावित जिलों की सूची से बाहर किए जाने के बाद विशेष केंद्रीय सहायता के तहत स्वीकृत 40 करोड़ रुपये के सापेक्ष मात्र 15 करोड़ रुपये ही प्राप्त हुए हैं, जिससे लगभग 23 करोड़ रुपये का भुगतान लंबित है. इस पर केंद्रीय स्तर से आवश्यक समन्वय का आश्वासन दिया गया.

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औरापाठ मॉडल गांव का किया दौरा

बैठक के समापन के बाद केंद्रीय प्रभारी अधिकारी अमित सतीजा ने प्रशासनिक टीम के साथ आकांक्षी प्रखंड डुमरी के औरापाठ मॉडल गांव का क्षेत्र भ्रमण किया. यहां उन्होंने नीति आयोग के सहयोग से संचालित ‘पहल’ परियोजना के तहत आदिम जनजाति (PVTG) परिवारों के लिए चल रहे बकरी एवं मुर्गी पालन तथा जल संरक्षण कार्यों का निरीक्षण किया. उन्होंने मशरूम उत्पादन से जुड़े लाभार्थियों से संवाद कर उनके आय स्तर और क्यूआर कोड के माध्यम से हो रहे डिजिटल भुगतान की सराहना की. इसके बाद उन्होंने औरापाठ आंगनवाड़ी केंद्र और प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण कर बच्चों के पोषण स्तर तथा शिक्षा की गुणवत्ता का आकलन किया. उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो ने बैठक में मिले सभी निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. वहीं उप विकास आयुक्त अनिमेश रंजन ने आश्वस्त किया कि जिले के विकास संकेतकों में सुधार के लिए तकनीकी और प्रभावी तरीके से कार्य किया जाएगा.

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