Jamtara: उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आलोक कुमार के निर्देशानुसार गुरुवार को उप विकास आयुक्त असीम किस्पोट्टा की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार एवं कार्यालय प्रकोष्ठ में जिला ई-गवर्नेंस सोसायटी (DeGS) तथा तकनीकी विभागों की योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में विभिन्न विभागों की प्रगति की समीक्षा करते हुए लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन, डिजिटल सेवाओं के विस्तार तथा विकास योजनाओं को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए.
ई-गवर्नेंस सेवाओं की समीक्षा, निष्क्रिय प्रज्ञा केंद्रों को सक्रिय करने के निर्देश
बैठक के दौरान जिला ई-गवर्नेंस सोसायटी के अंतर्गत आईआरएडी, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), झारसेवा, यूआईडीएआई, डिजिटल पंचायत, संचार टावर और जनगणना-2027 समेत विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की गई. उप विकास आयुक्त ने निष्क्रिय प्रज्ञा केंद्रों को पुनः सक्रिय करने तथा सभी सीएससी केंद्रों में निर्धारित सेवा शुल्क सूची अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने का निर्देश दिया.
मोबाइल नेटवर्क सुधार के लिए लंबित आवेदनों की समीक्षा
मोबाइल नेटवर्क कनेक्टिविटी की समीक्षा के दौरान बताया गया कि संचार टावर स्थापना से संबंधित आठ आवेदन आवश्यक दस्तावेजों के अभाव में वापस किए गए हैं, जबकि तीन आवेदन लंबित हैं. शेडो एरिया में नेटवर्क सुविधा बेहतर बनाने के लिए दूरसंचार सेवा प्रदाताओं एवं बीएसएनएल द्वारा किए जा रहे सर्वे कार्यों की भी समीक्षा की गई. साथ ही जन वितरण प्रणाली के डीलरों के माध्यम से नेटवर्क समस्याओं की जानकारी एकत्रित करने पर बल दिया गया.
झारसेवा में राज्य में शीर्ष स्थान पर संतोष
झारसेवा पोर्टल के माध्यम से विभिन्न प्रमाण-पत्रों के निर्गमन में 95.97 प्रतिशत उपलब्धि के साथ जामताड़ा के राज्य में शीर्ष स्थान पर रहने पर संतोष व्यक्त किया गया. उप विकास आयुक्त ने 30 दिनों से अधिक समय से लंबित आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन सुनिश्चित करने तथा प्रमाण-पत्र निर्गमन में अनावश्यक विलंब रोकने के लिए अंचल अधिकारियों के साथ नियमित समीक्षा बैठक करने का निर्देश दिया. उन्होंने सीएससी संचालकों को भी आवेदकों को सही प्रकार के आवेदन करने के प्रति जागरूक करने की बात कही.
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साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल पहलों की भी समीक्षा
बैठक में साइबर सिक्योरिटी क्लब, डिजिटल लाइब्रेरी एवं विजिटर मैनेजमेंट सिस्टम सहित अन्य डिजिटल पहलों की भी समीक्षा की गई. तकनीकी विभागों की समीक्षा बैठक में एनआरईपी, विशेष प्रमंडल, पथ निर्माण, लघु सिंचाई, भवन निर्माण, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल (PHED), ग्रामीण कार्य विभाग, जल संसाधन विभाग सहित अन्य विभागों के अंतर्गत संचालित योजनाओं की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई.
समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करने के निर्देश
उप विकास आयुक्त ने सभी कार्यपालक अभियंताओं एवं कार्य एजेंसियों को योजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने का निर्देश दिया. उन्होंने विगत बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा करते हुए पूर्ण एवं अपूर्ण योजनाओं की स्थिति की जानकारी ली तथा लंबित कार्यों में तेजी लाने पर बल दिया.
पेयजल शिकायतों और मरम्मत कार्यों की समीक्षा
पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल द्वारा संचालित कंट्रोल रूम में प्राप्त शिकायतों एवं उनके निष्पादन की भी समीक्षा की गई. साथ ही स्पेशल रिपेयर से संबंधित कार्यों को शीघ्र प्रारंभ करने तथा मानसून को देखते हुए सभी विकास योजनाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए. बैठक में अपर समाहर्ता पूनम कच्छप, जिला परिवहन पदाधिकारी मुकेश कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी चार्ल्स हेंब्रम, जिला सूचना विज्ञान पदाधिकारी संतोष कुमार घोष, डीपीओ यूआईडीएआई राजीव कुमार, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर बिरजू राम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कार्यपालक अभियंता उपस्थित थे.
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