Ranchi: रिम्स की जमीन को फर्जी तरीके से बेचने के मामले में आरोपी प्रमोद कुमार महतो की अग्रिम जमानत याचिका(एबीपी) पर 18 जून को सुनवाई होगी. एसीबी के विशेष न्यायाधीश ओंकार नाथ चौधरी की अदालत में शुक्रवार को सुनवाई हुई. अदालत ने पिछली सुनवाई के दौरान केस डायरी की मांग की थी, एसीबी ने केस डायरी भी पेश कर दिया था, लेकिन प्रार्थी की ओर से इस बार समय की मांग की गयी. उसके बाद अदालत ने सुनवाई की अगली तिथि 18 जून निर्धारित की है.
क्या है मामला
रिम्स की जमीन की अवैध तरीके से खरीद-बिक्री मामले में जमीन दलाल, बिल्डर, निबंधन व अंचल कार्यालय के अधिकारी, नक्शा पास करने वाले अधिकारियों की भूमिका संदेह के घेरे में है. फर्जी वंशावली पर खरीद-बिक्री करने की पुष्टि के बाद झारखंड एसीबी ने जिन चार आरोपितों को जेल भेजा था, उनमें राजकिशोर बड़ाईक, कार्तिक बड़ाईक, राजेश कुमार झा व चेतन कुमार शामिल थे. बड़ाईक बंधुओं ने फर्जी वंशावली बनाई, चेतन कुमार ने पावर आफ आटार्नी लिया था और राजेश कुमार झा ने बिलर से उक्त जमीन की बिक्री कराई थी. एसीबी की जांच भी जारी है. मोरहाबादी मौजा की आठ व कोकर मौजा की 1.65 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा हुआ था, जिसे प्रशासन ने मुक्त कराया था. अब ईडी सभी आरोपियों के बीच वित्तीय लेन-देन से संबंधित ब्यौरे की तलाश करेगी.

मामला उजागर होने के बाद प्रशासन ने हटाया था अतिक्रमण
रिम्स की जमीन की अवैध तरीके से खरीद-बिक्री का मामला उजागर होने के बाद झारखंड हाई कोर्ट के आदेश पर जिला प्रशासन ने अतिक्रमण हटाया था. उक्त जमीन पर बने भवनों को तोड़ा गया था. निर्माणाधीन अपार्टमेंट ध्वस्त किया गया था. इस मामले में फर्जीवाड़ा कर लोगों को घर व फ्लैट बेचने व उन्हें चूना लगाने वालों को चिह्नित कर उनके विरुद्ध जांच व कार्रवाई के लिए हाई कोर्ट ने आदेश दिया था.
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