Ranchi : राजधानी के रिम्स RIMS में लगभग 7 एकड़ अधिग्रहित जमीन के फर्जीवाड़े मामले में आरोपी बनायी गयी सुमित्रा बड़ाईक को झारखंड हाईकोर्ट से राहत मिली है. न्यायाधीश अनुभा रावत चौधरी की अदालत ने सुमित्रा बड़ाईक की अग्रिम जमानत याचिका स्वीकृत कर दी है. वहीं, उन्हें एसीबी ACB जांच में सहयोग करने का आदेश दिया गया है.
फर्जी वंशावली के आधार पर जमीन बेचने का आरोप
दरअसल, सुमित्रा बड़ाईक पर आरोप है फर्जी वंशावली के आधार पर रिम्स RIMS की लगभग 9.65 एकड़ सरकारी जमीन उन्होंने अवैध तरीके से बिल्डरों को बेच दी. जहां मकान और अपार्टमेंट बने. हालांकि हाईकोर्ट की सख्ती के बाद उसे अवैध घोषित किया गया. वहीं, बुलडोजर कार्रवाई भी हुई. इस मामले में बिल्डरों, राजस्व कर्मचारी की मिलीभगत भी पाई गई. मामले में कई आरोपी जेल में है.



