Ranchi : झारखंड के अलग अलग जिलों में हो रहे आपराधिक वारदात को अंजाम देने में शामिल अपराधियों पर पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है. झारखंड पुलिस ने अपराधियों के प्रति अब अपना रुख बदल लिया है. हाल के दिनों में अपराधियों ने बेखौफ होकर कारोबारियों से रंगदारी मांगी है और आपराधिक वारदात को अंजाम दिया. अपराधियों के इस हौसले को तोड़ने के लिए झारखंड पुलिस ने अब एनकाउंटर का रास्ता चुना है. झारखंड पुलिस ने धनबाद, रांची, जमशेदपुर, रामगढ़ जिले में कई हाफ एनकाउंटर किया है. जिसमें अपराधियों के पांव में गोली लगी है. एनकाउंटर होने के बाद पुलिस ने अपराधियों को गिरफ्तार किया है.
हाल के महीनों में हुए एनकाउंटर
केस स्टडी 1 : जमशेदपुर के मानगो थाना क्षेत्र में पुलिस और आरोपियों के बीच आज मुठभेड़ हुई. एनकाउंटर में राहुल हत्याकांड के मुख्य आरोपी साहेब सिंह उर्फ शब्बे को गोली लगी. उसे इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया. 8 जुलाई की रात को राहुल सिंह उर्फ राहुल बच्चा की हत्या हुई थी.

केस स्टडी 2 : दो दिन पहले रामगढ़ जिला के भुरकुंडा ओपी अंतर्गत रिवर साइड भुरकुंडा सेंट्रल स्कूल के जर्जर भवन में सुबह 5 बजे हुए एनकाउंटर में कुख्यात प्रिंस खान गिरोह का शूटर शिवराज राम उर्फ शिवा गंभीर रूप से घायल हो गया. अपराधी शिवराज राम के दाहिना पैर में गोली लगी थी.
केस स्टडी 3 : पिछले महीने रांची के निवारणपुर स्थित आरएसएस कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंकने के मुख्य आरोपी सैफ के साथ पुलिस की मुठभेड़ हुई थी. यह मुठभेड़ मांडर टोल प्लाजा के पास हुई थी. मुठभेड़ में घायल होने पर आरोपी को दोबारा गिरफ्तार किया गया.
अपराधियों के बीच कानून का खौफ पैदा करने के लिये हुई कार्रवाई
झारखंड पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई आत्मरक्षा और अपराधियों में कानून का खौफ पैदा करने के लिए की जा रही है. हाल ही में धनबाद और रांची में रंगदारी वसूलने वाले और व्यवसायियों को धमकी देने वाले गैंग्स के गुर्गों को जब पुलिस पकड़ने गई, तो उन्होंने फायरिंग कर भागने का प्रयास किया. जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने अपराधियों के पैर में गोली मारकर उन्हें दबोच लिया.
व्यवसायियों में बढ़ा भरोसा, अपराधियों में खौफ
झारखंड पुलिस के इस बदले तेवर से जहां एक ओर व्यापारियों और आम जनता में सुरक्षा का भाव मजबूत हुआ है. वहीं, दूसरी ओर अपराधियों के हौसले पस्त हुए हैं. झारखंड पुलिस के द्वारा अपराधियों को साफ संदेश दे दिया गया है कि अगर वे आत्मसमर्पण नहीं करेंगे या पुलिस पर गोली चलाएंगे, तो उन्हें उसी भाषा में करारा जवाब मिलेगा. आने वाले दिनों में संगठित अपराध के खिलाफ यह अभियान और तेज होने की उम्मीद है.
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