Ranchi: झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में है. राजधानी रांची के सदर अस्पताल में पानी की कथित किल्लत को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. आरोप है कि अस्पताल में वाटर सप्लाई बाधित होने के कारण मरीजों की भर्ती तक रोक दी गई है, जिससे इलाज के लिए आए लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है. बीजेपी ने आरोप लगाया है कि मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि डॉक्टर खुद यह कहकर मरीजों को दूसरे अस्पतालों में रेफर कर रहे हैं कि यहां पानी की सुविधा उपलब्ध नहीं है. ऐसे में अस्पताल की मूलभूत व्यवस्था पर ही सवाल उठ रहे हैं. वहीं दूसरी ओर सिविल सर्जन का दावा है कि अस्पताल में पानी की कोई कमी नहीं है, जिससे स्थिति और भी उलझ गई है.
यह भी पढ़ें : झारखंड में निवेश और औद्योगिक विकास को मिलेगी रफ्तार, मुख्यमंत्री ने की प्रगति की समीक्षा
विपक्ष के निशाने पर मंत्री इरफान अंसारी और योगेंद्र प्रसाद
इस पूरे मामले को लेकर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी पर विपक्ष निशाना साध रहा है. जनता भी सवाल उठा रही है. साथ ही पेयजल व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल रहे मंत्री योगेंद्र प्रसाद की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. विपक्ष का कहना है कि जब राजधानी के प्रमुख सरकारी अस्पताल का यह हाल है, तो राज्य के अन्य अस्पतालों की स्थिति कैसी होगी? क्या जिम्मेदार विभागों के बीच समन्वय की कमी का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है?
यह भी पढ़ें : संजय सेठ ने दिया मुख्यमंत्री को ‘स्वदेशी मेला-2026’ में शामिल होने का न्योता
