पुलिस रिमांड पर सैफी ने किया कई खुलासा, कहा अमन सिंह की हत्या की खबर सुनकर बेहोश हो गया था अपराधी प्रिंस खान

Dhanbad: वासेपुर में आतंक का पर्याय बने प्रिंस खान के साम्राज्य की परतें अब धीरे-धीरे खुल रही हैं. प्रिंस खान के बेहद...

Dhanbad: वासेपुर में आतंक का पर्याय बने प्रिंस खान के साम्राज्य की परतें अब धीरे-धीरे खुल रही हैं. प्रिंस खान के बेहद करीबी और पुलिस रिमांड पर लिए गए सैफ अब्बास नकवी उर्फ सैफी ने पूछताछ के दौरान चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. सैफी के बयानों ने प्रिंस खान की डॉन वाली छवि के पीछे छिपे डरपोक व्यवहार को उजागर कर दिया है.

अमन सिंह की हत्या की खबर सुनकर बेहोश हो गया था प्रिंस:

सैफी ने पुलिस को बताया कि प्रिंस खान असल जिंदगी में काफी डरपोक है. उसने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि तीन दिसंबर 2024 को जब धनबाद जेल में गैंगस्टर अमन सिंह की हत्या की खबर प्रिंस तक पहुंची, तो वह बुरी तरह कांपने लगा था. डर के मारे वह बेहोश होकर गिर पड़ा और कई दिनों तक सदमे की स्थिति में रहा.

जेल और दुबई से चल रहा है नेटवर्क:

पूछताछ में सैफी ने गैंग के संचालन के तरीके का भी खुलासा किया है. जेल में बंद अपराधियों को पैसों और अन्य सुविधाओं का लालच देकर गिरोह में शामिल किया जाता है. दुबई में छिपे गोपी खान और उसके साले रितिक ने कई नए लड़कों को गैंग से जोड़ा है. जेल में बंद तीसरे भाई गोडविन खान और हाल ही में जमानत पर बाहर आए बंटी खान की गिरोह में सक्रिय भूमिका के बारे में भी पुलिस को पुख्ता जानकारी मिली है.

हथियार और फाइनेंस रैकेट का पर्दाफाश:

सैफी ने प्रिंस खान के वित्तीय साम्राज्य की कमर तोड़ने वाली जानकारियां दी हैं. उसने रंगदारी वसूली से लेकर हवाला के जरिए पैसों के लेन-देन का पूरा ब्योरा पुलिस को सौंप दिया है. साथ ही, उसने स्वीकार किया कि नन्हे की हत्या के अलावा पांडरपाला के शहाबुद्दीन की हत्या में भी इसी गैंग का हाथ था.

पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी, दो अन्य संदिग्ध हिरासत में:

सैफी की स्वीकारोक्ति के आधार पर धनबाद पुलिस की स्पेशल टीम ने गुरुवार को वासेपुर और जोड़ापोखर इलाकों में छापेमारी की. इस दौरान दो प्रमुख संदिग्धों को उठाया गया है. जिनमें एक कलीम नाम का जमीन कारोबारी बताया जा रहा है. पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान कलीम की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उसे इलाज के लिए शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है और दूसरा मुस्तकीम (जामाडोबा आलम नगर) है. बताया जाता है कि मुस्तकीम खुद को किसी मानवाधिकार संगठन का प्रतिनिधि बताकर अपनी गतिविधियों को अंजाम देता था. सैफी द्वारा दिए गए इनपुट के आधार पर पुलिस अब गिरोह के मददगारों और ‘स्लीपर सेल्स’ की धर-पकड़ के लिए लगातार छापेमारी कर रही है. पुलिस का मानना है कि आने वाले दिनों में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां हो सकती हैं.

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