Seraikela: 13वें राष्ट्रीय हस्तकरघा दिवस के अवसर पर शुक्रवार को जमशेदपुर पहुंचे झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार को चांडिल अनुमंडल क्षेत्र में लगातार लग रहे ट्रैफिक जाम के कारण अपना रूट बदलना पड़ा. सामान्यतः जमशेदपुर जाने के लिए चांडिल गोलचक्कर होते हुए एनएच-33 मार्ग का उपयोग किया जाता है, लेकिन जाम की स्थिति को देखते हुए सुरक्षा और समय प्रबंधन के तहत वैकल्पिक मार्ग अपनाया गया.
रूट बदलने के बाद सड़क निर्माण पर उठे सवाल
राज्यपाल के रूट परिवर्तन के बाद चांडिल गोलचक्कर और आसपास के क्षेत्र में चल रहे सड़क निर्माण कार्य की धीमी गति को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ गई है. लोगों का कहना है कि निर्माण एजेंसी तय समय सीमा के भीतर काम पूरा नहीं कर सकी और इसका खामियाजा आम नागरिकों के साथ अब वीआईपी आवागमन को भी भुगतना पड़ रहा है.

‘कछुआ चाल’ से चल रहा निर्माण कार्य
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है. उनका कहना है कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों का समुचित पालन नहीं किया जा रहा और निर्माण एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होने से लोगों में असंतोष है.

आवागमन के बीच जारी है निर्माण कार्य
लोगों के अनुसार सड़क पर सामान्य वाहनों की आवाजाही लगातार जारी रहने के बावजूद निर्माण कार्य में लगी मशीनें और भारी वाहन भी उसी मार्ग से गुजर रहे हैं. मौके पर पर्याप्त ट्रैफिक नियंत्रण, सिग्नलिंग या पुलिस की नियमित मौजूदगी नहीं दिखाई देती, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है.
भारी वाहनों से बढ़ रही दुर्घटना की आशंका
स्थानीय निवासियों का कहना है कि रोड रोलर जैसे भारी वाहनों और छोटी-बड़ी गाड़ियों का एक साथ आवागमन हादसों की संभावना बढ़ा रहा है. उन्होंने निर्माण स्थल पर तत्काल सुरक्षा प्रबंधन मजबूत करने की मांग की है.
एनएचएआई की पेट्रोलिंग व्यवस्था पर भी सवाल
ट्रैफिक जाम के दौरान एनएचएआई की पेट्रोलिंग व्यवस्था को लेकर भी लोगों ने सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि जाम लगने पर पेट्रोलिंग वाहन मौके पर नजर नहीं आते और ट्रैफिक को नियंत्रित करने की दिशा में सक्रिय प्रयास दिखाई नहीं देते.
चांडिल से हुमीद तक प्रभावित है यातायात
स्थानीय लोगों का कहना है कि चांडिल गोलचक्कर से हुमीद तक सड़क निर्माण कार्य के कारण यातायात लगातार प्रभावित हो रहा है. उन्होंने निर्माण एजेंसी और संबंधित विभागों से समन्वय बनाकर ट्रैफिक प्रबंधन बेहतर करने की मांग की है, ताकि आम लोगों और वीआईपी दोनों की आवाजाही सुचारु रह सके.
तेजी से काम पूरा करने की मांग
राज्यपाल के रूट बदलने की घटना ने अधूरे सड़क निर्माण, निर्माण कार्य की धीमी गति, सुरक्षा मानकों और ट्रैफिक प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय लोगों ने संबंधित विभागों से निर्माण कार्य में तेजी लाने और निर्माण स्थल पर पर्याप्त सुरक्षा एवं ट्रैफिक व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है.
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