Simdega: बोलबा प्रखंड के मालसाड़ा स्थित ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व के मां वनदुर्गा स्थल को आधिकारिक रूप से ‘आस्था का केंद्र’ घोषित करने की मांग को लेकर मंगलवार को 100 से अधिक ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने उपायुक्त सिमडेगा के नाम ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन में बताया गया कि मां वनदुर्गा स्थल वर्षों से क्षेत्रवासियों की अटूट आस्था का केंद्र रहा है. यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना और दर्शन के लिए पहुंचते हैं. इसके अलावा विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान एवं पारंपरिक कार्यक्रम भी नियमित रूप से आयोजित होते हैं, जिससे यह स्थल धार्मिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बन गया है. समिति ने प्रशासन से आग्रह किया कि स्थल के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को देखते हुए इसे आधिकारिक रूप से आस्था का केंद्र घोषित किया जाए. ऐसा होने से इस स्थल के संरक्षण, सौंदर्यीकरण, आधारभूत सुविधाओं के विकास और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किए जा सकेंगे. ग्रामीणों ने कहा कि यह स्थल लंबे समय से क्षेत्र की धार्मिक पहचान का प्रतीक रहा है. इसलिए जनभावनाओं का सम्मान करते हुए प्रशासन को इस मांग पर सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए. ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण, श्रद्धालु एवं मां वनदुर्गा पूजा समिति के पदाधिकारी उपस्थित रहे. सभी ने एक स्वर में प्रशासन से जल्द कार्रवाई कर स्थल को आधिकारिक मान्यता देने की मांग की, ताकि क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण सुनिश्चित हो सके.
Home » झारखण्ड » सिमडेगा: मां वनदुर्गा स्थल को ‘आस्था का केंद्र’ घोषित करने की मांग, 100 से अधिक ग्रामीणों ने DC के नाम सौंपा ज्ञापन
सिमडेगा: मां वनदुर्गा स्थल को ‘आस्था का केंद्र’ घोषित करने की मांग, 100 से अधिक ग्रामीणों ने DC के नाम सौंपा ज्ञापन
Simdega: बोलबा प्रखंड के मालसाड़ा स्थित ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व के मां वनदुर्गा स्थल को आधिकारिक रूप से ‘आस्था का केंद्र’ घोषित...
सम्बंधित ख़बरें
