Ranchi : बकरीद पर्व को लेकर झारखंड पुलिस के स्पेशल ब्रांच ने राज्य के सभी जिलों के लिए एक महत्वपूर्ण और विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किया है. इस वर्ष बकरीद का पर्व 28 मई को निर्धारित है (जो कि चांद दिखने के आधार पर बदल सकता है). त्योहार के दौरान कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन को अत्यधिक सतर्क रहने को कहा गया है. विशेष रूप से गिरिडीह, हजारीबाग, बोकारो, धनबाद और साहेबगंज जैसे जिलों में पूर्व की घटनाओं को देखते हुए कड़े इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं.

अवैध पशु तस्करी और अफवाहों पर लगेगी रोक
स्पेशल ब्रांच के रिपोर्ट के अनुसार, बकरीद के दौरान उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा और राजस्थान के सड़क मार्गों से पशुओं (विशेषकर ऊंटों और प्रतिबंधित पशुओं) की अवैध तस्करी के प्रयास किए जाते हैं. हिंदू संगठनों, विशेषकर गौ रक्षकों और बजरंग दल द्वारा इसके विरोध की संभावना को देखते हुए पुलिस ने कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका जताई है.
स्पेशल ब्रांच ने जारी किए कई दिशा निर्देश
– अंतर्राज्यीय सीमाओं और चेक पोस्टों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया जाए.
– प्रतिबंधित मांस, अवैध बूचड़खानों और पशु तस्करी पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए
– गौ रक्षकों या किसी भी संगठन द्वारा वैध पशुओं को ले जाने के दौरान की जाने वाली मारपीट पर भी कड़ी निगरानी रखी जाए.
सोशल मीडिया पर ‘साइबर आर्मी’ की नजर, भड़काऊ पोस्ट पर होगी सीधी कार्रवाई
फेसबुक, व्हाट्सएप, यूट्यूब और एक्स जैसे प्लेटफॉर्म पर विशेष रूप से निगरानी रखने के आदेश दिए गए हैं. ऐसे व्हाट्सएप ग्रुप या सोशल मीडिया पेज जो किसी धर्म, जाति या समुदाय की भावनाओं को आहत करने वाली भड़काऊ टिप्पणियां करते हैं, उनके एडमिन का नाम और मोबाइल नंबर ट्रैक किया जाएगा. भ्रामक, आपत्तिजनक और उत्तेजक तस्वीरें या वीडियो प्रसारित करने वालों के खिलाफ निवारक कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
हाल वर्षों में हुई प्रमुख सांप्रदायिक घटनाओं का विवरण
– सुरक्षा तैयारियों को पुख्ता करने के लिए पुलिस मुख्यालय ने पिछले कुछ वर्षों में हुई संवेदनशील घटनाओं का हवाला दिया है.
– हजारीबाग में वर्ष 2020 में खपरियावां क्षेत्र में बकरीद के दौरान दो समुदायों के बीच भारी तनाव उत्पन्न हुआ था, जिसके बाद प्रिवेंशन ऑफ क्रुएलिटी टू एनिमल एक्ट और झारखंड स्टेट एपिडेमिक डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के तहत मामले (कांड संख्या 90/20 और 91/20) दर्ज किए गए थे.
– गिरिडीह जिले में पिछले वर्ष के दौरान ऊंट की कुर्बानी को लेकर स्थानीय स्तर पर भारी विवाद हुआ था. पुलिस द्वारा जब्त किए गए ऊंटों को वापस राजस्थान भेजा गया था. वहीं, बेंगाबाद थाना क्षेत्र के ताराटांड़ में भी गाय की कुर्बानी को लेकर आगजनी और मारपीट की घटना हुई थी.
– वर्ष 2018 में बोकारो के चंदनकियारी के पास प्रतिबंधित मांस खाल ले जा रहे टेम्पू को रोके जाने के बाद तनाव बढ़ा था, जिसके बाद पुलिस छापेमारी में भारी मात्रा में मांस और हड्डियां बरामद हुई थीं.
– वर्ष 2021 में पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र के बहादुरपुर में त्योहार के दिन धार्मिक तनाव फैलाने के उद्देश्य से की गई एक घटना के बाद मामला दर्ज किया गया था.
– पाकुड़ (महेशपुर और गोपीनाथपुर): वर्ष 2018 में महेशपुर थाना क्षेत्र के डांगापाड़ा गांव में पशु हत्या के मामले में कार्रवाई करने गई पुलिस टीम पर भीड़ ने हमला और थाना घेराव किया था, जिसके बाद पुलिस को हवाई फायरिंग करनी पड़ी थी. पाकुड़ में हाल ही में 17 जून 2024 को गोपीनाथपुर गांव में पश्चिम बंगाल से आए उपद्रवियों द्वारा स्थानीय लोगों के विरोध के बाद पथराव, बमबाजी और आगजनी की गई थी, जिसमें पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी थी.
