Click Here

क्राइम मीटिंग में एसपी का निर्देश, 15 अगस्त व पर्व-त्योहारों में सुरक्षा में नहीं होनी चाहिए चूक

Ramgarh: एसपी मुकेश लुनायत के नेतृत्व में 12 अगस्त को क क्राइम मीटिंग का आयोजन किया गया. बुधवार को आयोजित इस बैठक...

Ramgarh: एसपी मुकेश लुनायत के नेतृत्व में 12 अगस्त को क क्राइम मीटिंग का आयोजन किया गया. बुधवार को आयोजित इस बैठक में सभी डीएसपी, सभी सर्किल इंस्पेक्टर,थाना व ओपी प्रभारी उपस्थित रहे. एसपी ने विधि-व्यवस्था और जिले में अपराध नियंत्रण को लेकर 31 मुख्य बिंदुओं पर विस्तार से समीक्षा की गई. जिनमें आगामी त्योहारों और विधि-व्यवस्था की समीक्षा
बैठक में आगामी 15 अगस्त, 26 अगस्त (मिलाद-उन-नबी) और 28 अगस्त (रक्षाबंधन) के अवसर पर जिले में शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष चर्चा की गई. एसपी ने सभी थानों को अपने-अपने क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और संवेदनशील स्थानों पर गश्त बढ़ाने का सख्त निर्देश दिया.

पॉक्सो और दुष्कर्म मामलों के 60 दिनों में निष्पादन का आदेश:

महिलाओं और बच्चों से जुड़े अपराधों पर पुलिस अधीक्षक ने कड़ा रुख अपनाया. उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि बलात्कार और पॉक्सो एक्ट से संबंधित सभी लंबित मामलों की जांच पूरी कर 60 दिनों के भीतर उनका निष्पादन सुनिश्चित करें. इसके साथ ही, पॉकेट पेंडिंग कांडों में आरोप पत्र दाखिल कर उसकी एक प्रति हिंदी शाखा में समर्पित करने का आदेश दिया गया.

आपातकालीन सेवा 112 पर नौ मिनट में रिस्पॉन्स का लक्ष्य:

आम जनता को तुरंत सहायता पहुंचाने के उद्देश्य से डायल 112 की कार्यप्रणाली की समीक्षा की गई. पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि डायल 112 पर प्राप्त होने वाली शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित पुलिस अधिकारी नौ मिनट के भीतर मौके पर या शिकायतकर्ता को रिस्पॉन्स करें.

जनसेवा और सत्यापन में तेजी:

– पासपोर्ट से संबंधित पुलिस सत्यापन का कार्य केवल पांच दिनों के भीतर पूरा कर पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया गया.

– जन शिकायत कोषांग में प्राप्त आवेदनों का समय पर निस्तारण करने को कहा गया.

– चरित्र व सेवा सत्यापन से जुड़े मामलों को भी शीघ्र निपटाने के निर्देश दिए गए

– संगठित आपराधिक गिरोहों की अद्यतन सूची तैयार करने और हाल में जेल से बाहर आए अपराधियों का भौतिक सत्यापन कर उनकी गतिविधियों पर नज़र रखने का निर्देश दिया गया.

– गैर-तामिला वारंट, स्थायी वारंट और फरार अपराधियों की सूची बनाकर योजनाबद्ध तरीके से कुर्की-जब्ती की कार्रवाई करने के आदेश दिए गए.

– पिछले दो, तीन और पांच वर्षों से लंबित पड़े सभी कांडों का कारण सहित अलग-अलग विवरण तैयार कर त्वरित गति से जांच पूरी करने को कहा गया.

– तकनीकी अनुसंधान और ‘ई-साक्ष्य’ का प्रयोग और
बैठक में अनुसंधान की गुणवत्ता सुधारने के लिए आधुनिक तकनीक और आईटी समाधानों पर जोर दिया गया

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *