Ranchi: पोक्सो मामले के विशेष न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने सात साल की मासूम की दुष्कर्म के बाद हत्या के अभियुक्त नेसार अंसारी को फांसी की सजा सुनाई है. अभियुक्त घटना के बाद से ही जेल में है. अदालत ने कहा कि इस प्रकार की जघन्य अपराध के लिए फांसी से कम सजा हो नहीं सकती.
यह जघन्य अपराध का मामला साल 2020 के रातु थाना क्षेत्र के परेहपाट का है. आरोपी ने मासूम के साथ दुष्कर्म कर उसकी हत्या कर दी थी और शव को एक बोरे में डालकर खेत में फेंक दिया गया था. शव को देखने के बाद ग्रामीण आक्रोशित हो गए थे. आक्रोशित ग्रामीणों को पुलिस ने समझा बुझाकर शांत कराया था. उस समय बच्ची की जनाजे में DIG सह तत्कालीन ग्रामीण SP नौसाद आलम ने भी शामिल होकर कंधा दिया था.
जानिए कब-कब रेप के मामले में हुई फांसी की सजा
12 फरवरी 2018- दुष्कर्म और हत्या मामले में रांची सिविल कोर्ट ने दोषी गांधी उरांव को 12 फरवरी 2018 को फांसी की सजा सुनाई थी. सजा पोक्सो के विशेष न्यायाधीश शिवपाल सिंह की अदालत ने सुनाई थी. कोर्ट ने मामले को Rare of Rarest माना था. मामला रांची के लोअर बाजार थाना क्षेत्र के भुइयां टोली का है.
2 मार्च 2020- रांची में लॉ की छात्रा के साथ गैंग रेप के मामले में 11 आरोपियों को अंतिम सांस तक जेल में रहने की सजा सुनायी गयी थी.
21 दिसंबर 2019- रांची सिविल कोर्ट के CBI के विशेष न्यायाधीश की अदालत ने सबसे चर्चित 19 वर्षीय बीटेक (इंजीनियरिंग) छात्रा के साथ क्रूरतापूर्ण दुष्कर्म और उसके बाद उसकी हत्या के दोषी राहुल कुमार उर्फ राहुल राज फांसी की सजा सुनाई थी.
राज्य के अन्य जिलों में फांसी की सजा
लोहरदगा: विशेष अदालत ने एक नाबालिग के साथ हुए अपराध के मामले में दोषी को फांसी की सजा सुनाई थी. बाद में झारखंड हाई कोर्ट ने इस सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया.
साहिबगंज: दिसंबर 2022 को राजमहल स्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने एक बच्ची के साथ हुए जघन्य मामले में अभियुक्त को फांसी की सजा सुनाई थी.
गिरिडीह: पोक्सो विशेष अदालत ने सितंबर 2019 में एक नाबालिग के साथ हुए गंभीर अपराध के मामले में एक व्यक्ति को मृत्युदंड दिया था.
गुमला: अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने 2019 में एक नाबालिग के विरुद्ध हुए अपराध के मामले में दोषी को फांसी की सजा सुनाई थी.
दुमका: जिला एवं सत्र न्यायालय ने मार्च 2020 में एक जघन्य मामले में तीन लोगों को फांसी की सजा सुनाई थी. बाद में हाईकोर्ट ने इस आदेश को रद्द कर दिया और मामले में दोबारा सुनवाई का निर्देश दिया है.
