Giridih: जिले में पर्यावरण संरक्षण को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रामनिवास यादव की अध्यक्षता में सोमवार को समाहरणालय सभागार में जिला पर्यावरण समिति की बैठक आयोजित की गई. बैठक में वायु एवं जल प्रदूषण नियंत्रण, औद्योगिक इकाइयों के पर्यावरणीय मानकों के पालन, अवैध बालू खनन, अवैध डंपिंग और स्टोन माइंस एवं क्रशरों के संचालन की समीक्षा की गई.
नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
उपायुक्त रामनिवास यादव ने स्पष्ट कहा कि पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि अवैध बालू खनन, अवैध डंपिंग और नियम विरुद्ध संचालित स्टोन माइंस व क्रशरों के खिलाफ नियमित जांच कर कार्रवाई सुनिश्चित करें.
जल प्रदूषण रोकने के दिए निर्देश
बैठक में नगर और औद्योगिक क्षेत्रों में जल प्रदूषण को लेकर चिंता जताई गई. उपायुक्त ने निर्देश दिया कि नालों की नियमित सफाई कराई जाए और बिना ट्रीटमेंट के दूषित जल को किसी भी नदी या जल स्रोत में नहीं छोड़ा जाए.उन्होंने सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों को रेन वाटर हार्वेस्टिंग, एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ETP) और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने को कहा.
औद्योगिक क्षेत्रों में स्वास्थ्य सर्वे का निर्देश
उपायुक्त ने औद्योगिक क्षेत्रों से निकलने वाले धुएं और प्रदूषक तत्वों की भी समीक्षा की. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को औद्योगिक क्षेत्रों के आसपास रहने वाले लोगों का स्वास्थ्य सर्वे कराने का निर्देश दिया, ताकि प्रदूषण से जुड़ी बीमारियों की पहचान समय पर हो सके.
अस्पताल और संस्थानों को भी मानकों का पालन करना होगा
बैठक में स्वास्थ्य संस्थानों को लेकर भी सख्ती दिखाई गई. उपायुक्त ने कहा कि सभी अस्पताल, नर्सिंग होम, होटल और अन्य संस्थानों को झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निर्धारित मानकों का पालन करना होगा.उन्होंने कहा कि सभी नर्सिंग होम और स्वास्थ्य संस्थानों के लिए कंसेंट टू ऑपरेट (CTO) लेना अनिवार्य है. बिना अनुमति संचालित संस्थानों पर क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट एक्ट और अन्य कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी.
नियमित निगरानी के दिए निर्देश
बैठक के अंत में उपायुक्त ने सभी विभागों को नियमित निरीक्षण, निगरानी और प्रभावी कार्रवाई अभियान चलाने का निर्देश दिया, ताकि गिरिडीह में स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित किया जा सके.बैठक में पुलिस अधीक्षक, वन विभाग के अधिकारी, अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, नगर निगम, झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, सीसीएल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे.
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