Ranchi : शिक्षा नीति और भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ सैकड़ो की संख्या छात्रों का का जुटान आज यानी सोमवार को है. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, शिक्षा के बढ़ते निजीकरण और विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में हो रही अनियमितताओं के खिलाफ ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है. ये छात्र कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित जिला स्कूल में एकजुट होंगे. यहां से पैदल मार्च कर लोक भवन तक जाएंगे. लोक भवन के समक्ष सभी छात्र प्रदर्शन करने वाले हैं. इस मामले की जानकारी मिलने के बाद जिला स्कूल और लोक भवन के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गयी है. इसके लिये जिला स्कूल और लोक भवन के आसपास अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई है. सुरक्षा व्यवस्था में सिपाही, हवलदार, दारोगा और इंस्पेक्टर रैंक के पदाधिकारी को नियुक्त किया गया है.
300 से अधिक छात्रों के शामिल होने की संभावना
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन के त्रिलोकी नाथ और संदीप जायसवाल इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करेंगे. इसके साथ ही सामाजिक और छात्र-युवा संगठनों के लगभग 300 से अधिक सदस्य कोतवाली थाना क्षेत्र के जिला स्कूल मैदान में एकत्रित होंगे. इसके अलावे कई छात्रों के अलग अलग जगहों से ट्रेन और बस से पहुंचने की सूचना रांची पुलिस को मिली है. जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ा दी गई है. जिला स्कूल से छात्र पैदल मार्च करते हुए लोक भवन पहुंचेंगे और विरोध प्रदर्शन करेंगे.

इन प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्र
झारखंड में साल 2016 से पुलिस और 2017 से दरोगा की बहाली नहीं हुई. 10वीं जेटेट के लिए नियुक्ति नियमावली न बनने और वर्ष 2018 से लटकी नियमित असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति प्रक्रिया को जल्द पूरा करने की मांग है. एनटीए NTA द्वारा आयोजित NEET, CUET, UGC-NET और SSC परीक्षाओं में पेपर लीक के साथ-साथ राज्य स्तर पर JSSC-CGL, JPSC, JSSC-JE और JAC परीक्षाओं में हुई धांधली का विरोध. राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी NTA को तुरंत भंग करने और पेपर लीक व अनियमितताओं की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग, बीआईटी BIT मेसरा में झारखंड के छात्रों के लिए लागू 50 प्रतिशत गृह राज्य कोटा और सामाजिक आरक्षण को समाप्त किए जाने का कड़ा विरोध. क्लस्टर सिस्टम, बढ़ती फीस और सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली से छात्रों व अभिभावकों पर बढ़ रहे आर्थिक और मानसिक दबाव को कम करने की मांग शामिल है.
ALSO READ : खाड़ी देशों की यात्रा में एस जयशंकर, कतर के प्रधानमंत्री से की उर्जा, व्यापार और सुरक्षा के मुद्दों पर चर्चा


