Delhi: धनबाद जिले में क्रिमिनल सिंडिकेट से फर्जी दस्तावेज बनाकर 5.85 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी करने के मामले में झारखंड हाईकोर्ट के बाद अब सुप्रीम कोर्ट ने भी दोनों मुख्य आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी है. कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए दोनों आरोपियों को राहत देने से इनकार कर दिया है.

बैंक मोड़ थाना में दर्ज है मामला
यह पूरा मामला धनबाद के बैंक मोड़ थाना में दर्ज कांड संख्या 280/2025 से जुड़ा है. आरोपों के मुताबिक मेसर्स नारायणी कोक प्राइवेट लिमिटेड के मालिक को विमला फ्यूल्स एंड मेटल लिमिटेड और विमला मेटकोक लिमिटेड के निदेशकों ने 5.85 करोड़ रुपए का चूना लगाया है. संजय कुमार अग्रवाल उर्फ संजय कुमार इंदरचंद अग्रवाल और सचिन कुमार अग्रवाल ने पीड़ित कंपनी को झांसा दिया कि वे चार अलग-अलग संपत्तियों के मालिक हैं. आरोपियों ने अनुबंध MoU में जिस जमीन गुजरात के भचाऊ स्थित को अपना बताया उसे उनकी कंपनी पहले ही राखी संजय कुमार अग्रवाल नाम की महिला को बेच चुकी थी.
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दो संपत्तियों की कीमत तक नहीं चुकाई थी
दो अन्य संपत्तियों का विक्रेताओं को भुगतान ही नहीं किया गया था, फिर भी उन जमीनों के फर्जी दस्तावेज जमा कर पीड़िता कंपनी के पास सबूत के तौर पर गिरवी रख दिए गए. इस तरह धोखाधड़ी और छल से पीड़ित कंपनी से 5.85 करोड़ ऐंठ लिए गए जिसे लौटाने की आरोपियों की शुरू से कोई मंशा नहीं थी. आरोपियों के खिलाफ अहमदाबाद, धनबाद, गांधीधाम और कोलकाता (पश्चिम बंगाल) में पहले से 4 अन्य आपराधिक मामले दर्ज हैं.

