मिशन घर-घर का हुआ शंखनाद, अब 75 हजार कर्मचारियों के हाथों में सर्वे की कमान

रांची: शनिवार यानी 16 मई से राज्य में मिशन घर-घर का शंखनाद हो चुका है, जिसके तहत प्रगणक अब खुद हर दरवाजे...

रांची: शनिवार यानी 16 मई से राज्य में मिशन घर-घर का शंखनाद हो चुका है, जिसके तहत प्रगणक अब खुद हर दरवाजे पर दस्तक देंगे. यह अभियान आगामी 14 जून तक युद्ध स्तर पर चलाया जाएगा.

इससे पहले 1 मई से 15 मई तक चले स्व-गणना के पहले चरण में करोड़ों की आबादी वाले इस राज्य के नागरिकों ने बेहद कम रुचि दिखाई. लोगों की इस सुस्ती के बाद अब पूरी जिम्मेदारी सरकारी तंत्र पर आ गई है. पहला चरण 16 मई से 14 जून तक चलेगा. इस चरण में मुख्य रूप से मकानों की सूची तैयार करने और हाउस लिस्टिंग का काम किया जाएगा. दूसरा और अंतिम चरण फरवरी 2027 में होगा. इस चरण में वास्तविक जनसंख्या की गणना की जाएगी.

75 हजार कर्मियों को कमान

जनगणना को सफल बनाने के लिए राज्य सरकार ने करीब 75,000 कर्मचारियों को मैदान में उतार दिया है. सरकार इस कार्य के लिए प्रत्येक कर्मचारी को कुल 25,000 रुपए का मानदेय देगी, जिसे काम के आधार पर दो हिस्सों में बांटा गया है. हाउस लिस्टिंग के दौरान प्रगणक को 9,000 रुपए मिलेंगे. वहीं, दूसरे चरण में वास्तविक जनसंख्या की गणना के लिए 16,000 रुपए का भुगतान किया जाएगा.

नियम और पाबंदी

काम की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए प्रत्येक प्रगणक को अधिकतम 200 घरों की गणना करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है. इसके अलावा फील्ड में उतरे शिक्षकों की वजह से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए शिक्षा विभाग ने सख्त निर्देश जारी किया है. शिक्षकों को स्कूल का काम निपटाने के बाद सुबह 10 बजे के बाद ही विद्यालय से प्रस्थान करने की अनुमति दी गई है.

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स्व-गणना का जिलावार रिपोर्ट कार्ड

डिजिटल माध्यम से खुद अपनी गणना करने के मामले में झारखंड के जिलों का प्रदर्शन काफी मिला-जुला और चौंकाने वाला रहा. पूरे राज्य से मात्र 1,69,184 लोगों ने ही ऑनलाइन फॉर्म भरा.

• सबसे ज्यादा जागरूकता राजधानी रांची में देखी गई, जहां सर्वाधिक 46,629 लोगों ने स्व-गणना में हिस्सा लिया.

• दूसरे नंबर पर पूर्वी सिंहभूम रहा, जहां 18,807 लोगों ने खुद को डिजिटल तौर पर रजिस्टर किया.

• सबसे पिछड़ा पाकुड़ रहा, जहां का आंकड़ा महज 2,410 पर ही सिमट गया.

कितनी बदल जाएगी झारखंड की आबादी

झारखंड की आखिरी जनगणना वर्ष 2011 में हुई थी, जिसके आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक राज्य की कुल जनसंख्या 3,29,88,134 थी. लेकिन पिछले डेढ़ दशक में आए जनसांख्यिकीय बदलावों के कारण विशेषज्ञों और सरकारी अनुमानों के मुताबिक वर्तमान में झारखंड की आबादी 4.12 करोड़ से 4.15 करोड़ के बीच पहुंचने की संभावना है. 2027 में आने वाले अंतिम आंकड़े ही यह साफ करेंगे कि झारखंड की विकास यात्रा और आबादी की रफ्तार किस दिशा में आगे बढ़ी है.

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