RANCHI: झारखंड पुलिस अफसरों के बीच इन दिनों एक नए किस्म का खौफ फैला है. यह खौफ किसी अपराधी का नहीं बल्कि मोबाइल के Live Location वाले बटन का है. खबर है कि विभाग ने अचानक डिजिटल हाजिरी क्या मांगी कई साहबों का बीपी और पसीना एक साथ बढ़ गया.
17 अप्रैल के आदेश से मची खलबली
जानकारी के मुताबिक विभाग को भनक लगी थी कि वर्दी की चमक अधिकारियों की पोस्टिंग वाली जगह पर कम और रांची की वादियों या पर्सनल ट्रिप पर ज्यादा बिखर रही है. फिर क्या था विभाग के सीनियर अधिकारियों ने आदेश दिया कि जो साहब जहां भी हैं वहीं से अपनी लोकेशन भेजें. जैसे ही सीनियर से 17 अप्रैल वाली सख्ती का सिग्नल मिला फील्ड में तैनात दिग्गजों के बीच खलबली मच गई. जो साहब बिना इजाजत अपनी पोस्टेड जगह छोड़कर कहीं और की सैर करने निकले थे उन्हें अब समझ नहीं आ रहा कि लोकेशन में अपनी जगह कैसे दिखाएं.
अब नहीं चलेगा ‘मीटिंग में हूं’ वाला बहाना
बता दें कि विभाग के बड़े साहबों जैसे ADG, IG, DIG, SP को साफ कह दिया गया है कि बिना ग्रीन सिग्नल के अपनी पोस्टेड जगह न छोड़ें. पहले अक्सर ऐसा होता था कि आपात स्थिति में जब वरीय पदाधिकारियों का फोन घनघनाता था तो जवाब मिलता साहब मीटिंग में हैं जबकि असल में साहब रिलैक्सिंग मोड में होते थे. लेकिन अब पंख फैलाने से पहले अब परमिशन की पर्ची देखनी होगी वरना लाइव लोकेशन की एक पिन साहबों के करियर का गुब्बारा पंचर कर सकती है.
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