Ranchi: राजधानी के प्रतिष्ठित मारवाड़ी कॉलेज की शैक्षणिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है. वर्षों से ऑटोनॉमस (स्वायत्त) प्रणाली के तहत संचालित हो रहा कॉलेज अब आगामी सत्रों में पूरी तरह रांची विश्वविद्यालय के नियंत्रण में आ जाएगा. कॉलेज का स्वायत्त दर्जा शैक्षणिक सत्र 2025-26 तक ही प्रभावी रहेगा.
यूजीसी ने ऑटोनॉमस स्टेटस को आगे बढ़ाने की नहीं दी स्वीकृति
कॉलेज प्रशासन के अनुसार, NAAC मान्यता का विस्तार नहीं मिलने के कारण यूजीसी ने ऑटोनॉमस स्टेटस को आगे बढ़ाने की स्वीकृति नहीं दी. प्राचार्य डॉ. मनोज ने बताया कि किसी भी कॉलेज को स्वायत्त दर्जा देने या उसका नवीनीकरण करने के लिए NAAC प्रमाणन अनिवार्य शर्त होती है. मान्यता की अवधि समाप्त होने के बाद कॉलेज का स्वायत्त ढांचा स्वतः समाप्त हो गया.

अब रांची विश्वविद्यालय तय करेगा परीक्षा, रिजल्ट और सिलेबस
अब तक कॉलेज अपने स्तर पर परीक्षा आयोजित करने, रिजल्ट जारी करने और सिलेबस में बदलाव जैसे कई महत्वपूर्ण फैसले लेने में सक्षम था. लेकिन स्वायत्त दर्जा समाप्त होने के बाद ये सभी अधिकार रांची विश्वविद्यालय के पास होंगे. यानी अब परीक्षा कार्यक्रम, मूल्यांकन प्रक्रिया और शैक्षणिक संचालन विश्वविद्यालय की व्यवस्था के अनुसार चलेगा.
इस बदलाव के बाद छात्रों के बीच कई तरह की आशंकाएं उभरने लगी हैं. विद्यार्थियों का कहना है कि पहले कॉलेज स्तर पर कई काम तेजी से हो जाते थे, लेकिन अब हर प्रक्रिया के लिए विश्वविद्यालय पर निर्भर रहना पड़ेगा. छात्रों को यह भी डर है कि परीक्षा केंद्र दूसरे कॉलेजों में बनाए जा सकते हैं, जिससे अतिरिक्त परेशानी बढ़ सकती है.
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