Chakradharpur: भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिला उपाध्यक्ष पवन शंकर पांडे ने चक्रधरपुर में पिछले दो दिनों से चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान पर अपनी गंभीर प्रतिक्रिया व्यक्त की है. उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है कि अतिक्रमण हटाने की आड़ में उन गरीब लोगों को निशाना न बनाया जाए, जो सड़कों के किनारे ठेला लगाकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं.
संवेदनशीलता के साथ निकाला जाए समस्या का समाधान
पांडे ने कहा कि चक्रधरपुर में प्रशासन द्वारा की जा रही कार्रवाई में कई ऐसे छोटे दुकानदार और ठेला संचालक प्रभावित हो रहे हैं, जिनके पास आय का कोई दूसरा साधन नहीं है. उन्होंने स्पष्ट किया कि, “अतिक्रमण हटना चाहिए, लेकिन किसी व्यक्ति के परिवार का निवाला छीनकर उसे उजाड़ना कतई न्याय संगत नहीं है. यह सरासर अन्याय है. उन्होंने प्रशासन को सुझाव दिया कि इस समस्या का समाधान संवेदनशीलता के साथ निकाला जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि प्रशासन को ऐसी कार्ययोजना बनानी चाहिए, जिससे “सांप भी मर जाए और लाठी भी न टूटे,” अर्थात शहर की सड़कों से अतिक्रमण भी हट जाए और गरीबों की रोजी-रोटी भी सुरक्षित रहे.

नगर परिषद शहर की व्यवस्था और गरीबों की आजीविका पर करे विचार
पवन शंकर पांडे ने मांग की है कि नगर परिषद और प्रशासन को उन स्थानों से अतिक्रमण हटाने पर ध्यान देना चाहिए, जहां सामान्य आवागमन में गंभीर बाधा उत्पन्न हो रही हो. राइट ऑफ वे’ का उल्लंघन हो रहा हो. आम जनता के चलने के अधिकार का हनन हो रहा हो.जहां न्यायालय के आदेशों का सीधा उल्लंघन हो रहा हो. पांडे ने चक्रधरपुर नगर परिषद से अपील की है, कि वे दोनों बिंदुओं शहर की व्यवस्था और गरीबों की आजीविका पर विचार करें. उन्होंने सुझाव दिया कि छोटे दुकानदारों के लिए वैकल्पिक वेंडिंग जोन या व्यवस्थित स्थान चिन्हित किए जाने चाहिए, ताकि वे स्वाभिमान के साथ अपना रोजगार चला सकें.
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