राष्ट्र सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं, जो प्रशिक्षण में पसीना बहाएगा वही वर्दी पाएगा

Palamu:एसबीआई फाउंडेशन द्वारा संचालित “एसबीआई ग्राम सेवा” के तहत मेदिनीनगर के चुकरु स्थित “बिरसा मुंडा यूथ ट्रेनिंग सेंटर” में बच्चों के लिए...

Palamu:एसबीआई फाउंडेशन द्वारा संचालित “एसबीआई ग्राम सेवा” के तहत मेदिनीनगर के चुकरु स्थित “बिरसा मुंडा यूथ ट्रेनिंग सेंटर” में बच्चों के लिए एक विशेष शारीरिक एवं मानसिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को अनुशासित प्रशिक्षण देकर देश की सेवा में अपना बहुमूल्य योगदान देने के लिए प्रेरित करना था. कार्यक्रम के दौरान बच्चों में राष्ट्र के प्रति कर्तव्य भावना को जाग्रत करते हुए बताया गया कि वर्दी हर किसी के नसीब में नहीं होती, जो युवा कड़े प्रशिक्षण में अपना पसीना बहाता है, वही देश की रक्षा के लिए वर्दी धारण करने का गौरव प्राप्त करता है. इसके साथ ही युवाओं को प्रेरित किया गया कि वे अपने जीवन में किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए तब तक निरंतर प्रयास करते रहें, जब तक कि उन्हें सफलता न मिल जाए.

राष्ट्र सर्वोपरि है

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व सैनिक बृजेश कुमार शुक्ला ने कहा कि राष्ट्र सर्वोपरि है और राष्ट्र के बिना सुखी जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती. उन्होंने जोर देकर कहा कि अपने निजी स्वार्थ और हित से ऊपर उठकर राष्ट्रहित के बारे में सोचना ही सच्ची राष्ट्रभक्ति है. राष्ट्रभक्ति का अर्थ केवल भावनात्मक होना नहीं है, बल्कि देश के प्रति अपने उत्तरदायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करना है, जिसमें कानून का सम्मान करना, सामाजिक अनुशासन बनाए रखना और राष्ट्रीय मूल्यों की रक्षा करना शामिल है. उन्होंने युवाओं को याद दिलाया कि जिन स्वतंत्रता सेनानियों ने स्वतंत्र भारत की नींव रखी, उन्होंने यह आज़ादी हमें केवल अधिकार के रूप में नहीं, बल्कि एक बड़े कर्तव्य के रूप में सौंपी है. ऐसे में आज की नई पीढ़ी का यह परम दायित्व है कि वे इस अमूल्य आज़ादी को अक्षुण्ण बनाए रखें.

देश का निर्माण केवल सरकार का दायित्व नहीं 

वक्ताओं ने राष्ट्र निर्माण में प्रत्येक नागरिक की भूमिका को अहम बताते हुए कहा कि देश का निर्माण केवल सरकार का ही दायित्व नहीं है, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह अपने कर्म, अपने आचरण और अपने निर्णयों से देश को आगे बढ़ाए. जब देश का नागरिक ईमानदार होता है, तभी राष्ट्र मजबूत बनता है. वर्तमान समय की चर्चा करते हुए कहा गया कि आज देश को बाहरी शत्रुओं से अधिक आंतरिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, जिनमें भ्रष्टाचार, असहिष्णुता और अपनी जिम्मेदारी से भागने की प्रवृत्ति प्रमुख हैं. इन बुराइयों से डटकर लड़ना ही आज के समय की सबसे बड़ी राष्ट्र सेवा है. देश की प्रगति के लिए नागरिकों के बीच आपसी एकता और सहिष्णुता बनाए रखने की सख्त जरूरत है. अलग-अलग विचार होने के बावजूद राष्ट्र के प्रति हर नागरिक की निष्ठा हमेशा एक होनी चाहिए. अनुशासन, कठिन परिश्रम और संवैधानिक मूल्यों पर चलकर ही देश का भविष्य सुरक्षित रहेगा, क्योंकि सच्ची राष्ट्रभक्ति शोर मचाने से नहीं बल्कि जिम्मेदारी से कार्य करने, संविधान का सम्मान करने और अपने विवेक से चलने से सिद्ध होती है.

इस महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक अवसर पर मुख्य रूप से पूर्व सैनिक बृजेश कुमार शुक्ला, प्रशिक्षण दे रहे पूर्व सैनिक विकास तिवारी, श्रीमती संजू शुक्ला, पूर्व सैनिक पंकज कुमार तिवारी, खुशदिल शुक्ला, परिधी राज और श्रेया सहित काफी संख्या में स्थानीय बच्चे और प्रशिक्षु उपस्थित थे.

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