Ranchi: बोकारो ट्रेजरी से 11 करोड़ रूपये की कथित अवैध निकासी से जुड़े चर्चित घोटाले में गिरफ्तार लेखा शाखा के एएसआई अशोक भंडारी, गृह रक्षक सतीश कुमार उर्फ सतीश कुमार सिंह और काजल मंडल की ओर से दाखिल जमानत याचिका सीआईडी कोर्ट के विशेष न्यायाधीश कुलदीप की अदालत ने खारिज कर दी. इसके पूर्व पिछले गुरूवार को मामले की सीआईडी कोर्ट में सुनवाई हुई थी. मामले में एएसआई अशोक भंडारी ने 14 मई, गृह रक्षक सतीश कुमार उर्फ सतीश कुमार सिंह ने 9 जून तथा काजल मंडल ने 29 मई को जमानत याचिका दाखिल की थी.
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क्या है मामला?
झारखंड में ट्रेजरी घोटाला साल 2025 से ही चर्चा में था. बोकारो में इसका खुलासा हुआ और कई अन्य जिलों में भी इस तरह का घोटाला पकड़ में आया. अप्रैल 2026 में बोकारो ट्रेजरी से 11 करोड़ रुपया से अधिक राशि के गलत तरीका से भुगतान का खुलासा हुआ था. लेकिन 25 अगस्त 2025 को ही कैग की रिपोर्ट में बोकारो ट्रेजरी से गलत तरीके से भुगतान होने के संबंध में खुलासा किया गया था. जून 2007 से नवंबर 2022 तक झारखंड में एकीकृत वित्तीय प्रबंधन प्रणाली की सूचना प्रौद्योगिकी ऑडिट में भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक ने पाया कि बोकारो जिला में गलत पीपीओ नंबर दर्ज होने के कारण अनैतिक भुगतान हुआ है. इस दौरान 31,46,007 रुपया का अतिरिक्त भुगतान मृत्यु सह सेवानिवृत्ति ग्रेच्युटी में किया गया. वहीं पेंशन के परिवर्तित मूल्य में 4,92,427 रुपया का अतिरिक्त भुगतान किया गया. लेकिन, प्रशासनिक महकमा की नींद नहीं खुली. रिपोर्ट में साफ-साफ कहा गया था कि ट्रेजरी भुगतान में कई लूप हैं. कैग की रिपोर्ट में सामने आया था कि विभागीय गलती के कारण एक ही पेंशनभोगी को दूसरे पेंशनभोगी के स्थान पर दो बार भुगतान किया गया.
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