Ranchi: ट्रेजरी घोटाले की जांच सरकार की तरफ से की जा रही है. इस सिलसिले में सरकार की तरफ से बनायी गयी जांच समिति ने अपनी जांच तेज कर दी है. आईएएस अमिताभ कौशल के नेतृत्व में जांच समिति की पूरी टीम शुक्रवार बोकारो पहुंची. डीसी ऑफिस में बैठे लोगों से जांच समिति ने जानकारी हासिल करने की कोशिश की है. सरकारी अधिकारियों से पूछताछ के बाद जांच समिति के अध्यक्ष अमिताभ कौशल मीडिया से बात की. उन्होंने साफ कहा कि एक दिन में किसी विश्लेषण पर नहीं पहुंचा जा सकता है. हजार पन्नों की फाइल है.
राशि की निकासी बिना विभागीय मिलीभगत के संभव नहीं:
एसआईटी का मानना है कि सरकारी खजाने से इतनी बड़ी राशि की निकासी बिना विभागीय मिलीभगत के संभव नहीं है. वर्तमान में लेखा शाखा के अन्य कर्मियों, बैंकिंग ट्रांजैक्शन से जुड़े अधिकारियों और सिस्टम ऑपरेटर्स की भूमिका की गहन जांच की जा रही है. अधिकारियों ने अंदेशा जताया है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, मामला स्पष्ट होता जाएगा.

डिजिटल हेराफेरी से सरकारी खजाने में सेंध:
एसआईटी की तकनीकी जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि यह घोटाला केवल कागजी नहीं, बल्कि डिजिटल हेराफेरी का परिणाम है. आरोपियों ने सिस्टम एक्सेस का दुरुपयोग करते हुए फर्जी एंट्री और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिए सरकारी राशि को निकाला. मनी ट्रेल के विश्लेषण से पता चला है कि गबन की गई राशि को सीधे खर्च करने के बजाय योजनाबद्ध तरीके से अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया और निवेश के रूप में सुरक्षित रखा गया.
