Ranchi/Delhi: झारखंड के चर्चित शराब घोटाले के मुख्य आरोपी और इस पूरे मामले में लाइजनर की भूमिका में रहे अरविंद सिंह को सुप्रीम कोर्ट ने राहत तो दे दी है लेकिन उन्हें ACB के समक्ष हर दूसरे दिन उपस्थित होना होगा. यह शर्त सुप्रीम कोर्ट ने अरिवंद सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए तय की है. इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि अरविन्द सिंह को शराब घोटाला केस में जांच में पूरा सहयोग करना होगा और अगली सुनवाई तक वह बिना नोटिस की प्रतीक्षा किये ACB के समक्ष उपस्थित होना पड़ेगा. बता दें कि शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस अरिवंद कुमार और जस्टिस विजय विश्नोई की बेंच में अरविन्द सिंह की याचिका पर सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान अदालत ने एसीबी को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. अब शीर्ष अदालत इस मामले में 25 मई को सुनवाई करेगा.
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हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत की याचिका खारिज हो चुकी थी
इससे पहले अरविन्द सिंह को हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद उसने सुप्रीम कोर्ट में अपनी अग्रिम जमानत की गुहार लगाते हुए अग्रिम जमानत याचिका दायर की. अरविंद सिंह की अग्रिम जमानत याचिका झारखंड हाईकोर्ट की न्यायाधीश जस्टिस अनुभा रावत चौधरी की कोर्ट ने 16 अप्रेल को खारिज की थी. अरविंद सिंह की तलाश ACB को लंबे समय से है और वह गिरफ्तारी के डर से फरार चल रहा है. उसपर आरोप है कि मैन पवार सप्लाई कंपनियों और उत्पाद विभाग के तत्कालीन अधिकारियों के बीच उसी ने लाइजनर की भूमिका निभाई थी. इस मामले में विनय कुमार चौबे समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया है. एसीबी अब तक अरविंद सिंह से पूछताछ के लिए तीन बार नोटिस जारी कर चुकी है लेकिन अब तक वह एजेंसी के सामने पेश नहीं हुआ है.
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