Bundu: झारखंड के बुंडू अनुमंडल अस्पताल से सामने आई एक घटना ने पूरे स्वास्थ्य तंत्र को कटघरे में खड़ा कर दिया है. एक वायरल वीडियो ने उस सच्चाई को उजागर किया है, जिसे अक्सर गरीब मरीज चुपचाप सहते रहते हैं.
वीडियो में क्या दिखा?
सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहे इस वीडियो में एक नर्स जिनका नाम प्रमिला बताया जा रहा हैमरीज के परिजनों से काम के बदले ₹6,000 की मांग करती नजर आ रही हैं. यह दृश्य न सिर्फ चौंकाने वाला है, बल्कि सरकारी व्यवस्था की संवेदनशीलता पर भी बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है.
गरीब की मजबूरी या सिस्टम की मजबूरी?
सरकारी अस्पताल, जहां इलाज मुफ्त या बेहद कम खर्च में होना चाहिए, वहां “सेवा” के नाम पर पैसे की मांग—यह सवाल उठाता है कि आखिर आम जनता जाए तो जाए कहां?
परिजनों का दर्द
मरीज के परिजनों का आरोप है कि पैसे नहीं देने पर इलाज में देरी या लापरवाही बरती जाती है. अगर यह सच है, तो यह सिर्फ भ्रष्टाचार नहीं, बल्कि मानवता के खिलाफ अपराध है.
अब क्या करेगा प्रशासन?
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है. लोगों की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो, दोषी पर सख्त कार्रवाई हो और ऐसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगे.अब वक्त आ गया है कि लोग डरना छोड़ें. अगर आपके साथ भी सरकारी अस्पताल में इस तरह की वसूली हुई है, तो सामने आएं, क्योंकि चुप्पी ही भ्रष्टाचार की सबसे बड़ी ताकत है.
बड़ा सवाल: सहारा या मजबूरी का बाजार?
अब सवाल यह उठता है कि क्या सरकारी अस्पताल अब गरीबों के लिए सहारा हैं या फिर मजबूरी का बाजार बन चुके हैं? बुंडू की यह घटना एक चेतावनी है. अगर अब भी सिस्टम नहीं जागा, तो भरोसा पूरी तरह टूट जाएगा.
ALSO READ: भक्ति में डूबा बुंडू: राधारानी मेले में उमड़ा जनसागर, हर गली में गूंजा “राधे-राधे”
