बीएनएस, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और UAPA की धाराओं में जमानत मुश्किल, सजा हो सकती है कठोर
Ranchi: रांची के निवारणपुर स्थित संघ कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद उनकी मुश्किले बढ़ने वाली है. क्योंकि दर्ज प्राथमिकी में जिन गंभीर धाराओं को शामिल किया गया है, उससे साफ है कि आरोपियों के लिए कानूनी रास्ता बेहद कठिन होने वाला है. इस मामले में भारतीय न्याय संहिता 2023 की कई धाराओं के साथ-साथ विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908 और गैरकानूनी गतिविधि (निवारण) अधिनियम (UAPA) 1967 की धाराएं भी लगाई गई हैं. खासकर UAPA की धारा 16 और 18 का शामिल होना मामले को आतंकी साजिश के दायरे में ले जाता है, जिससे आरोपियों को जमानत मिलना बेहद मुश्किल हो जाता है.
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10 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है
कानूनी जानकारों के अनुसार, बीएनएस की धाराएं 118(2), 109(1), 324(5)(6), 326(g) और 61(2) गंभीर आपराधिक साजिश, जानलेवा हमले और नुकसान पहुंचाने से जुड़ी हैं, जिनमें कई मामलों में 10 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है. वहीं विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धाराएं 4 और 5 के तहत दोषी पाए जाने पर उम्रकैद तक की सजा या लंबी अवधि की कैद हो सकती है. सबसे अहम पहलू UAPA है, जिसके तहत अगर आरोप साबित होते हैं तो यह मामला सामान्य आपराधिक घटना से आगे बढ़कर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा अपराध माना जाएगा. ऐसी स्थिति में आरोपियों को लंबी न्यायिक हिरासत, विशेष अदालत में ट्रायल और कड़ी सजा का सामना करना पड़ सकता है.



