Ranchi: झारखंड की राजधानी रांची स्थित प्रोजेक्ट भवन (सचिवालय) के बाहर विभिन्न मांगों को लेकर बर्खास्त व नाराज अभ्यर्थियों का विरोध प्रदर्शन उग्र हो गया है. सैकड़ों की संख्या में अभ्यर्थियों ने प्रोजेक्ट भवन के मुख्य द्वार पर लगे बैरिकेडिंग को तोड़ दिया और सुरक्षा घेरा लांघकर परिसर के भीतर प्रवेश कर गए. इस दौरान पुलिस बल और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की भी देखने को मिली.


“न्याय दो या फांसी दो” के नारों से गूंजा परिसर

प्रोजेक्ट भवन के मुख्य द्वार को पूरी तरह से अवरुद्ध करते हुए अभ्यर्थियों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की. प्रदर्शनकारी “आवाज दो, हम एक हैं”, “तानाशाही नहीं चलेगी” और “न्याय दो या फांसी दो” के नारे लगाते हुए अपनी मांग पर डटे हुए हैं.
विरोध प्रदर्शन का मुख्य कारण JSSC CGL

परीक्षा को रद्द करने के आदेश को वापस लेने की मांग है। प्रदर्शन के दौरान कई अभ्यर्थी भावुक होकर जमीन पर लेट गए और रोते हुए न्याय की गुहार लगाने लगे, जिससे परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बन गई.
प्रोजेक्ट भवन में भारी पुलिस बल तैनात

घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए परिसर में भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है. मौके पर पहुंचे हटिया डीएसपी नीरज कुमार ने स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि संबंधित क्षेत्र में धारा 144 / 163 बीएनएस (BNS) लागू है.डीएसपी नीरज कुमार ने कहा, “अभ्यर्थी पढ़े-लिखे युवा हैं, उन्हें यह समझना होगा कि इस तरह के प्रतिबंधित और अति-संवेदनशील सरकारी परिसर में विरोध प्रदर्शन करने से उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है. हम उनसे शांतिपूर्वक बाहर निकलने की अपील कर रहे हैं.

इसके साथ ही उन्होंने मीडिया से भी अनुरोध किया कि वे अपनी खबरों के माध्यम से अभ्यर्थियों को जागरूक करें ताकि वे इस अति-संवेदनशील क्षेत्र से बाहर चले जाएं और स्थिति को शांतिपूर्ण ढंग से संभाला जा सके. फिलहाल प्रोजेक्ट भवन परिसर में तनाव का माहौल बना हुआ है और पुलिस-प्रशासन अभ्यर्थियों को समझाने-बुझाने और परिसर से बाहर निकालने का प्रयास कर रहा है.

