World Desk: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने एक अहम रणनीतिक फैसला लिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य में चल रहे अपने सैन्य अभियान ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ को अस्थायी तौर पर रोकने का ऐलान कर दिया है.
शांति वार्ता के बीच रणनीतिक विराम
अमेरिका और ईरान के बीच जारी बातचीत अब निर्णायक दौर में पहुंचती दिख रही है. इसी को देखते हुए यह कदम उठाया गया है. हालांकि, अमेरिका ने साफ कर दिया है कि ईरानी बंदरगाहों पर दबाव और नाकाबंदी पहले की तरह जारी रहेगी.
सोशल मीडिया पर ट्रंप का संदेश
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर पोस्ट करते हुए कहा कि ईरान के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है. उन्होंने बताया कि ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ को फिलहाल रोकने का फैसला इसलिए लिया गया है, ताकि संभावित समझौते को अंतिम रूप देने की गुंजाइश देखी जा सके.
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कई देशों के आग्रह का असर
ट्रंप के मुताबिक यह फैसला कई देशों के अनुरोध पर लिया गया है, जिनमें पाकिस्तान भी शामिल है. उन्होंने दावा किया कि ईरान के खिलाफ अभियान के दौरान अमेरिका को बड़ी सैन्य सफलता मिली है, जिससे उसकी बातचीत की स्थिति मजबूत हुई है.
क्या है ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’?
‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ अमेरिका का एक बड़ा सैन्य अभियान था. इसका मकसद होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना था. इस मिशन में हजारों सैनिक, गाइडेड मिसाइल से लैस युद्धपोत, हेलीकॉप्टर और 100 से ज्यादा विमान तैनात किए गए थे.
क्यों अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य?
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में गिना जाता है. दुनिया के लगभग पांचवें हिस्से का तेल इसी रास्ते से गुजरता है. ऐसे में यहां की सुरक्षा वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम मानी जाती है.
आगे क्या- शांति या फिर तनाव
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या यह फैसला स्थायी शांति की ओर बढ़ता संकेत है या सिर्फ एक अस्थायी रणनीतिक कदम. आने वाले दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत यह तय करेगी कि हालात सुधरते हैं या फिर तनाव दोबारा बढ़ता है.
