Jamtara: प्रखंड के चन्द्रदीपा पंचायत अंतर्गत चन्द्रदीपा गांव में संचालित पत्थर खदान और क्रशर को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ विरोध तेज कर दिया है. ग्रामीणों का आरोप है कि श्री साईं इंटरप्राइजेज द्वारा लीज क्षेत्र से बाहर अनावादी भूमि पर अवैध खनन किया जा रहा है, जिससे गांव का जीवन प्रभावित हो रहा है. ग्रामीण सहदेव हेंब्रम सहित अन्य लोगों का कहना है कि मौजा संख्या-10 के प्लॉट संख्या 1146 की लगभग 2 एकड़ 45 डिसमिल अनावादी भूमि पर अवैध रूप से खनन किया जा रहा है. उनका आरोप है कि खदान परिसर के सूचना बोर्ड में इस प्लॉट का कोई उल्लेख नहीं है, जबकि लीज केवल तय प्लॉटों तक सीमित है.
क्रशर और ब्लास्टिंग से दहशत
ग्रामीणों ने बताया कि खदान के पास संचालित क्रशर और नियमित ब्लास्टिंग से पत्थर के टुकड़े और धूलकण आसपास के घरों तक पहुंच रहे हैं. इससे लोगों में हमेशा डर और असुरक्षा का माहौल बना रहता है. साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि खनन स्थल मुख्य सड़क से मात्र 10 फीट की दूरी पर है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है.

प्रशासन से कई बार शिकायत, फिर भी कार्रवाई नहीं
ग्रामीणों ने बताया कि इस मामले को लेकर 24 दिसंबर 2025 को ग्रामसभा के माध्यम से उपायुक्त को आवेदन दिया गया था. इसके बाद 7 मई 2026 को मुख्य सचिव को भी शिकायत भेजी गई, जिसकी प्रतिलिपि संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को दी गई. इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है.
जामताड़ा उपायुक्त आलोक कुमार ने कहा है कि मामला उनके संज्ञान में है और इसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी. ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि खदान और क्रशर की निष्पक्ष जांच कर खनन कार्य पर रोक लगाई जाए तथा ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए.
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