Giridih: जिले के चकमंजो गांव की जर्जर सड़क व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है. वर्षों से सड़क निर्माण की मांग के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने पर लोगों ने जनप्रतिनिधियों के प्रति असंतोष जताया है. इसी बीच कांग्रेस के जिला महासचिव ई. अनिल चौधरी ने गांव का दौरा कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और सड़क की बदहाली पर चिंता व्यक्त की. SIR जागरूकता अभियान के तहत गांव पहुंचे ई. अनिल चौधरी ने कहा कि “पक्की सड़क के बिना किसी भी गांव का विकास अधूरा है. यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज भी चकमंजो जैसे गांव बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे है.

ग्रामीणों ने बताया कि वे लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग विधायक और सांसद से करते आ रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें केवल आश्वासन ही मिला है. उनका आरोप है कि पूर्व सांसद अन्नपूर्णा देवी के कार्यकाल में भी सड़क निर्माण को लेकर कोई ठोस पहल नहीं हुई। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण के लिए केवल अनुशंसा करने से समस्या का समाधान नहीं हुआ और गांव आज भी बदहाल स्थिति में है.
सड़क ना बनने से आवागमन में रही परेशानी- ग्रामीण
ग्रामीणों ने बताया कि खराब सड़क के कारण आवागमन में भारी परेशानी होती है. बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जब सड़क कीचड़ में तब्दील हो जाती है. कई बार खराब सड़क के कारण सामाजिक और पारिवारिक कार्यक्रमों पर भी असर पड़ा है. ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल सड़क का मामला नहीं, बल्कि गांव के सम्मान, विकास और भविष्य से जुड़ा सवाल है. ई. अनिल चौधरी ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि वे इस मुद्दे को संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों के समक्ष मजबूती से उठाएंगे.
उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण की मांग को लेकर संघर्ष जारी रहेगा और गांव को उसका अधिकार दिलाने के लिए हर स्तर पर प्रयास किया जाएगा. ग्रामीणों ने सरकार और जनप्रतिनिधियों से जल्द सड़क निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है. अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि चकमंजो गांव को पक्की सड़क की सुविधा कब तक मिल पाती है.
