pakud : जिले के सदर प्रखंड अंतर्गत नवरोतनपुर पंचायत के रामचंद्रपुर गांव में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने के मामले का बड़ा खुलासा हुआ है. रविवार को फर्जी जन्म प्रमाण पत्र तैयार करने पहुंचे एक कैफे संचालक को ग्रामीणों ने पकड़ लिया. घटना की सूचना मिलते ही इलाके में बड़ी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए और मौके पर हंगामे की स्थिति बन गई. सूचना मिलने पर अंचलाधिकारी (CO) अरविंद कुमार बेदिया और मुफस्सिल थाना पुलिस तत्काल घटनास्थल पहुंचे. सीओ ने ग्रामीणों से पूरे मामले की जानकारी ली, जिसके बाद पुलिस ने आरोपित कैफे संचालक को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए थाना ले गई. ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले कई महीनों से क्षेत्र में हजारों की संख्या में जन्म प्रमाण पत्र बनाए गए हैं। इसके लिए लोगों से प्रति प्रमाण पत्र 2 हजार रुपये से लेकर 10 हजार रुपये तक की वसूली की गई.
फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाते कैफे संचालक पकड़ा गया
ग्रामीणों के अनुसार, फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब कुछ लोग आधार कार्ड बनवाने के लिए आधार केंद्र पहुंचे. वहां जांच के दौरान उन्हें पता चला कि उनके पास मौजूद जन्म प्रमाण पत्र अमान्य और फर्जी हैं. इसके बाद ग्रामीणों ने योजना बनाकर संबंधित कैफे संचालक को दोबारा जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के बहाने रामचंद्रपुर बुलाया. जैसे ही वह गांव पहुंचा, ग्रामीणों ने उसे पकड़ लिया और प्रशासन को इसकी सूचना दी. ग्रामीणों ने मुफस्सिल थाना में लिखित आवेदन देकर फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने के नाम पर वसूली गई राशि वापस कराने की मांग की है। वहीं प्रशासन पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रहा है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस फर्जीवाड़े में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा अब तक कितने फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.


